सनातन अस्मिता पर प्रहार के विरोध में सिवनी में धर्मप्रेमियों का धरना
प्रयागराज संगम में शंकराचार्य एवं साधु-संतों पर कथित अपमानजनक कार्यवाही के खिलाफ एकजुट हुआ हिन्दू समाज
सिवनी | विशेष रिपोर्ट
Seoni 20 January 2026
सिवनी यशो:- शंकराचार्य के अपमान में विरोध धरना सिवनी को लेकर सनातन धर्मियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। प्रयागराज संगम में धर्मशास्त्रों के विरुद्ध शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज, वेदपाठी ब्राह्मण बटुकों एवं साधु-संतों के साथ हुई कथित अपमानजनक कार्रवाई के विरोध में शंकराचार्य अपमान विरोध धरना सिवनी में बुधवार 21 जनवरी 2026 को विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस धरना-प्रदर्शन में समस्त हिंदू सनातनी समाज की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, सनातन धर्मियों के धर्मसम्राट
पूज्य शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद जी सरस्वती महाराज,
वेदपाठी ब्राह्मण बटुकों एवं
साधु–सन्यासियों के साथ
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कथित रूप से अपमानजनक व्यवहार किया गया,
जिसे धर्माचार्यों के सम्मान पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।
आयोजकों का कहना है कि यह धरना किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं,
बल्कि सनातन संस्कृति, साधु-संतों की गरिमा और धर्मशास्त्रीय परंपराओं की रक्षा के लिए है।
सिवनी के संत,
समाजसेवी,
धर्मप्रेमी नागरिक एवं
विभिन्न हिन्दू संगठनों ने
इस धरना–प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर
सनातन स्वाभिमान की रक्षा का आह्वान किया है।
धरना–प्रदर्शन विवरण
- दिनांक: बुधवार, 21 जनवरी 2026
- समय: दोपहर 12 बजे
- स्थान: HDFC बैंक के सामने, गांधी भवन, कचहरी चौक, सिवनी
आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यदि साधु-संतों और धर्माचार्यों के सम्मान पर आघात होता है,
तो सम्पूर्ण हिन्दू समाज का एकजुट होना धर्म और राष्ट्र दोनों की रक्षा के लिए आवश्यक है।
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