👉 “कभी दूसरों की मशीन पर सिलती थीं कपड़े, आज खुद रोजगार दे रहीं – मोनिका यादव की हौसले भरी कहानी
कभी दूसरों की मशीन पर करती थीं सिलाई, आज खुद चला रहीं हैं दुकान -आजीविका मिशन से बदली जिंदगी की दिशा
Seoni 17 October 2025
सिवनी यशो:- कहते हैं, “हौसले बुलंद हों तो मंज़िल खुद रास्ता दिखा देती है।”इसी प्रकार घंसौर की रहने वाली मोनिका यादव की सफलता की कहानी भी मातृशक्ति के लिये बहुत प्रेरक है।
सिवनी जिले के घंसौर जनपद के छोटे से गाँव केदारपुर की रहने वाली श्रीमती मोनिका यादव ने। कभी दूसरों की मशीन पर सिलाई का काम करने वाली मोनिका आज अपनी खुद की दुकान और व्यवसाय चला रही हैं।
शुरुआत में उनके पास साधन सीमित थे। हालाँकि, उनके भीतर सिलाई का हुनर और मेहनत करने का जज़्बा पहले से मौजूद था। अपनी सिलाई मशीन न होने के कारण उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। फिर भी, वे मोहल्ले में छोटे-मोटे कपड़े सिलकर परिवार की मदद करती थीं। उसी दौरान, मन में यह सपना पनपने लगा कि कभी अपना काम हो, अपनी पहचान बने।
ऐसे मिली मोनिका को राह
एक दिन, उन्हें पता चला कि आजीविका मिशन घंसौर के अंतर्गत महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जा रहा है। इसलिए, उन्होंने ‘राधा रानी आजीविका स्व-सहायता समूह’ से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आत्मविश्वास मिला और आगे बढ़ने का मार्ग भी दिखाई दिया।
बाद में, समूह की बैठक में जब उन्हें कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) योजना के बारे में जानकारी मिली,
तो उन्होंने बिना देर किए आवेदन किया।
परिणामस्वरूप, उन्हें ₹90,000 का ऋण प्राप्त हुआ।
इसी राशि से उन्होंने अपनी पहली सिलाई मशीन खरीदी, जो उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।
इसके बाद, मोनिका ने सिलाई कार्य को बड़े स्तर पर शुरू किया।
धीरे-धीरे, गाँव की महिलाएँ और आसपास के लोग उनके पास कपड़े सिलवाने आने लगे।
इस तरह, उनका काम बढ़ता गया और आय में भी निरंतर वृद्धि हुई।
अंततः, आत्मविश्वास से भरकर उन्होंने अपने परिवार के सहयोग से कपड़ों की दुकान भी शुरू कर दी।
वर्तमान में, मोनिका यादव प्रति माह 12 से 14 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।
अब, वे दूसरों की मशीन पर निर्भर नहीं, बल्कि स्वयं रोजगार का माध्यम बन चुकी हैं
मोनिका कहती हैं —
“आजीविका मिशन ने मुझे पहचान दी।अब मेरा सपना है कि मेरे गाँव की हर महिला आत्मनिर्भर बने और अपने हुनर से आगे बढ़े।”
मोनिका की मेहनत और हौसले ने यह साबित कर दिया कि-
अगर मन में विश्वास हो और कदमों में सच्चाई, तो सफलता खुद राह बना लेती है –

मोनिका यादव की सफलता की यह कहानी अब पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा का दीपक बन चुकी है।
💬 प्रेरणादायक संदेश
“हर महिला के भीतर एक हुनर छिपा है, बस ज़रूरत है उसे पहचानने और अवसर देने की।



