📰 सिवनी: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में पथ संचलन और विजयादशमी उत्सव से गूंजा शहर
संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर लुघरवाड़ा, बरघाट, लखनादौन और सिवनी नगर में अनुशासन, संगठन और राष्ट्रभाव के कार्यक्रम
Seoni 12 October 2025
सिवनी यशो:- अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिले के हर क्षेत्र में उत्साहपूर्वक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। विजयादशमी पर्व से प्रारंभ हुए पथ संचलन और शस्त्र पूजन के कार्यक्रमों ने सिवनी जिले के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों को राष्ट्रभाव से सराबोर कर दिया है।
रविवार को सिवनी शहर की मठ मंदिर, फिल्टर चौक और
महाविद्यालयीन बस्तियों में पथ संचलन और
शस्त्र पूजन कार्यक्रम संपन्न हुए। इसी प्रकार बरघाट नगर और
लखनादौन में भी संघ के स्वयंसेवकों ने अनुशासित पथ संचलन किया।
मुख्य अतिथियों और वक्ताओं ने इस अवसर पर संघ की सौ वर्षीय यात्रा, संगठन की भूमिका और भारत को विश्वगुरु बनाने के लक्ष्य पर प्रकाश डाला।
लुघरवाड़ा शाखा में विजयादशमी उत्सव हर्षोल्लासपूर्वक संपन्न
लुघरवाड़ा बस्ती शाखा द्वारा विजयादशमी उत्सव का आयोजन शासकीय विद्यालय परिसर में किया गया।

शुभारंभ भगवा ध्वज और शस्त्र पूजन से कार्यक्रम का हुआ। स्वयंसेवकों ने सूर्य नमस्कार, व्यायाम योग और देशभक्ति गीतों के माध्यम से समाज में अनुशासन और राष्ट्रनिष्ठा का संदेश दिया।
मुख्य अतिथि श्री राजेंद्र विश्वकर्मा ने कहा —
“संघ की विजयादशमी केवल पर्व नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने और राष्ट्र के पुनर्निर्माण का संकल्प दिवस है।”
उन्होंने बताया कि संघ बिना किसी भेदभाव के समरस समाज निर्माण के कार्य में जुटा है।
मुख्य वक्ता श्री शिवेंद्र जी ने संघ की स्थापना के ऐतिहासिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि
“डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार जी ने 1925 में विजयादशमी के दिन संघ की स्थापना की थी। संघ एक सांस्कृतिक संगठन है जो हिंदू संस्कृति, एकता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है।”
कार्यक्रम के अंत में संघ प्रार्थना के साथ बस्ती का पथ संचलन देशभक्ति गीतों के बीच निकाला गया।
सिवनी में महाविद्यालयीन छात्रों का पथ संचलन
नगर में रविवार रात्रि को संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत महाविद्यालयीन छात्रों का पथ संचलन निकाला गया। यह संचलन जनपद पंचायत सिवनी परिसर से प्रारंभ होकर शुक्रवारी चौक, नेहरू रोड, दुर्गा चौक, मठ मंदिर मार्ग, छिंदवाड़ा चौक, नगर पालिका, बस स्टैंड होते हुए पुनः जनपद परिसर में सम्पन्न हुआ।

संचलन में लगभग 160 छात्र स्वयंसेवक शामिल हुए जो पारंपरिक गणवेश में दंड (लाठी) लेकर अनुशासित पंक्तियों में चल रहे थे।
घोष दल के तालबद्ध वादन ने पूरे आयोजन को ऊर्जा और देशभक्ति के माहौल से भर दिया।
विभाग कार्यवाह,
नगर कार्यवाह सहित संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
आयोजन का उद्देश्य युवा वर्ग में राष्ट्रभाव जागृत करना और
शताब्दी वर्ष के लक्ष्य को जन-जन तक पहुँचाना रहा।



