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🔥 दो पुलिसकर्मी और हुए निलंबित - एक रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया, दूसरे का रिश्वत मांगते ऑडियो वायरल! 🔥

ए स आई पाल लखनवाड़ा एवं प्रधान आरक्षक पटना केवलारी में थे पदस्थ

Seoni 16 October 2025
सिवनी यशो:- दीपावली के पहले सिवनी पुलिस के भीतर भ्रष्टाचार की लपटें तेज होती जा रही हैं। पहले हवाला कांड ने जिले की पुलिस छवि को झकझोरा, अब रिश्वतखोरी ने इसे और कलंकित कर दिया है।

एक ओर प्रधान आरक्षक मनीष पटना को लोकायुक्त ने रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया, वहीं एएसआई नानकराम पाल का रिश्वत मांगते ऑडियो वायरल होने के बाद एसपी ने दोनों को तुरंत निलंबित कर रक्षित केंद्र सिवनी से संबद्ध कर दिया है।

यह भी पढ़ें :-पुलिस पर राहुकाल : लगातार घोटालों और भ्रष्टाचार के मामलों से हिल गया सिवनी पुलिस महकमा

🚨 मामला नं. 1- एएसआई नानकराम पाल, थाना लखनवाड़ा

आवेदक लक्ष्य उर्फ कुलदीप साहम निवासी ग्राम गोपालगंज ने शिकायत दी कि एएसआई नानकराम पाल ने कार्यवाही के बदले रिश्वत की मांग की।
आवेदक ने इसका ऑडियो प्रमाण सहित शिकायत पत्र पुलिस अधीक्षक को सौंपा।
प्राथमिक जांच में आचरण संदिग्ध पाए जाने पर एएसआई नानकराम पाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।

“कार्यवाही में पारदर्शिता ही पुलिस की प्रतिष्ठा का आधार है। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
— सुनील मेहता, पुलिस अधीक्षक, सिवनी

💰 मामला नं. 2 – प्रधान आरक्षक मनीष पटना, थाना केवलारी

दूसरी बड़ी कार्रवाई में प्रधान आरक्षक मनीष पटना (बैज क्रमांक 459) को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने ₹75,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
आवेदक नितिन पाटकर (सिविल ठेकेदार) ने शिकायत की थी कि आरोपी ठगी की एफआईआर दर्ज करने के एवज में कुल ₹5 लाख की मांग कर रहा था।
पहले ₹25,000 ले चुका था, और दूसरी किस्त ₹75,000 लेते ही लोकायुक्त टीम ने ट्रैप कर गिरफ्तार कर लिया।

लोकायुक्त टीम में शामिल अधिकारी:
निरीक्षक उमा कुशवाहा,

निरीक्षक – राहुल गजभिए, जितेंद्र यादव, बृजकिशोर नरवरिया आदि।

⚡ सिवनी पुलिस पर बढ़ता दबाव – हवाला कांड की छाया अब भी बनी हुई है

गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले जिले का बहुचर्चित हवाला कांड सामने आया,

जिसमें ₹2.96 करोड़ से घटकर ₹1.45 लाख रह जाने पर जनता का गुस्सा चरम पर पहुँच गया है।

एसडीओपी और एसआई समेत 11 पुलिसकर्मी पहले ही निलंबित हैं, परंतु जनता के बीच अब यह सवाल उठ रहा है —

 पुलिस की इस प्रकार की बिगड़ी छवि बेहद विचारणीय है कि –

जब रक्षक ही भक्षक बन जाये तो रक्षा की उम्मीद किससे की जाये ।

पुलिस को जनता में विश्वास पैदा करने में अब बहुत समय लगने वाला है ।

🪔 दीपावली से पहले पुलिस महकमे पर छाया अंधकार

एक ओर जिले में रोशनी के पर्व की तैयारी है,

दूसरी ओर पुलिस विभाग पर विश्वास का दीपक मंद पड़ता जा रहा है।

जनता का मानना है कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी,

तब तक “ईमानदारी की लौ” बुझती रहेगी

https://brainly.in/question/57175241

Dainikyashonnati

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