मनोज मर्दन त्रिवदी
सिवनी 14 अप्रैल 2023
हमारें धर्म ग्रंथों पद्मपुराण, स्कंद पुराण, भविष्य पुराण, ब्रह्मवैवर्त, और गरूड़ पुराण में तुलसी के पौथे का विशेष महत्व बताया गया है भगवान विष्णु को सर्वाधिक प्रिय है तुलसी मान्यता के अनिुसार तुलसी पत्ते के बिना भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा पूरी नहीं होती, तो वहीं तुलसी दल हनुमान जी को भी भोग में बेहद प्रिय होता है। तुलसी एक चमत्कारी पौधा है धार्मिक दृष्टि के साथ ही औषधिय गुणों की प्रचुरता इस पौधे में है । तुलसी जिस घर में होती है उस घर में सुख समृद्धि बनी रहती है धर्म शास्त्रों के अनुसार जिस घर में तुलसी का नियमित पूजन होता है वहाँ माता लक्ष्मी की कृपा सदा बनी रहती है ऐसा हमारे बुर्जुग भी कहते है इसी बात को विज्ञान भी दूसरे तरीके से कहता है ।
तुलसी का वानस्पतिक नाम Ocimum sanctum Linn. (ओसीमम् सेंक्टम्) और कुल का नाम Lamiaceae (लैमिएसी) है। अन्य भाषाओं में इसे निम्न नामों से पुकारा जाता है। विज्ञान का मानना है कि तुलसी के नियमित सेवन से शरीर में ऊर्जा का प्रवाह नियंत्रत रहता है, व्यक्ति में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे व्यक्ति की उम्र भी बढ़ जाती है। एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीबायोटिक गुण तुलसी में रहते हैं, जो शरीर को संक्रमण से लडऩे के काबिल बनाती है। घर में तुलसी का पौधा होने से वातावरण शुद्ध रहता है और तुलसी संक्रमण रोगों से लड़ती है। तुलसी के खाने से चमत्कारी लाभ बताये गये है । अनेक प्रकार के रोगो के उपचार के लिये तुलसी का सेवन किया जाता है । सर्दी खांसी, ज्वर के समय तुलसी का सेवन हमारे नुखसों में शामिल है । तो अधिक सेवन से नुकसान भी हो सकता है
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को पवित्र और शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यतानुसार जिस घर में तुलसी का पौधा होता है. वहां सौभाग्य की प्राप्ति होती है. हिंदू धर्म को मानने वाले लगभग सभी लोग तुलसी की पूजा करते हैं और हर दिन स्नान करने के बाद इसमें जल अर्पित करते हैं. लेकिन कई बार हम जानें अनजानें में तुलसी के पौधे के साथ कुछ ऐसी गलती कर बैठते हैं जो धार्मिक विधि के प्रतिकूल है और ऐसे में मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं और हमारे उपर मुश्किलों का पहाड़ टूट पड़ता है. ऐसे में आइए जानते हैं कौन सी वो गलती है, जिसे तुलसी के पौधे के साथ नहीं करना चाहिए. अगर आप अपने घर में तुलसी का पौधा लगाते हैं, और उसकी अच्छे से देखभाल करते हैं, तो पुराणों के अनुसार पूर्व जन्म के सारे पाप खत्म हो जाते हैंं।
इसके अलावा मृत्यु के दौरान गंगाजल संग तुलसी के पत्ते लेने से पुराणों के अनुसार आत्मा को स्वर्ग और शान्ति की प्राप्ति हो जाती है। तुलसी के पत्ते और गंगाजल को पूजा में कभी भी बासी नहीं माना जाता है। तुलसी की पूजा जिन घरों में रोजाना होती है, ऐसा माना जाता है कि वहां यमदूत नहीं आते। साथ ही घर में सुख-समृद्धि भी बनी रहती है।
भूलकर भी न करें ये गलती
तुलसी के पास गंदगी न करें पूर्ण पवित्र के साथ तुलसी के पौधें को यथा संभव गमले में लगाये । तुलसी के पौधे की उचित देखभाल करें समय पर पानी दें इसमें विशेष खाद की आवश्यकता नहीं होती परंतु मिट्टी अच्छी तरह से बदलते रहे गिरे हुये पत्तो को साफ करते रहे तुलसी के पौधे को पर्याप्त प्रकाश मिले सूर्य की किरणें इस पड़ते रहे परंतु बहुत अधिक तेज धूप भी न पड़े क्योंकि अगर किसी कारणवश तुलसी का पौधा सुख जाए तो यह शुभ नहीं माना जाता ।
तुलसी का पौधा लगाते समय इस बात का ध्यान रखें कि कभी भी तुलसी का पौधा जमीन में न लगाएं. उसे हमेशा गमले में ही लगाएं. साथ ही इस बात का भी ख्याल रखें कि तुलसी का पौधा दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाएं.
आपके घर में जिस जगह पर तुलसी का पौधा हो, वहां पर भूलकर शिवलिंग न रखें, ऐसा करने से भगवान शिव नाराज हो जाते हैं और हमें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
तुलसी के पौधे के पास कभी भी कांटेदार पौधे न लगाएं. ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं और घर में दरिद्रता का वास होता है.
तुलसी के पौधे के पास भूलकर भी झाड़ू या कूड़ेदान न रखें. ऐसा करने से परिवार के सदस्यों में कलह उत्पन्न होता है और हमेशा संकटों का सामना करना पड़ता है.



