06 जून से अमरण अनशन: पंचायत के भ्रष्टाचार और मनमानी के विरोध में पंच
सरपंच पति ग्राम पंचायत में करता है मनमानी, पंच को कहता है पागल, दो साल से सीएम हेल्प लाइन की शिकायत पर भी नहीं कोई कार्यवाही
Seoni 03 June 2025
सिवनी यशो :- : बरघाट विकासखंड की ग्राम पंचायत बुढैनाखुर्द में सरपंच पति द्वारा पंच के साथ की गई हाथापाई की शिकायत किये जाने के बावजूद दो वर्ष बीत जाने के बाद भी सरपंच पति के विरूद्ध कोई नहीं होने एवं पंचायत में निरंतर आर्थिक कदाचरण के विरोध में पंच शिवराम कोटेकर 06 जून से सिवनी जिला मुख्यालय में अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष अनिश्चिकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे ।
पंच शिवराम कोटेकर ने इस आशय की सिवनी जिला कलेक्टर सहित जिला पुलिस अअधीक्षक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिवनी, अनुविभागीय अधिकारी बरघाट, एवं थाना प्रभारी बरघाट को प्रतिलिपियाँ दी है । पंच शिवराम कोटेकर का कहना है कि ग्राम पंचायत बुढैना के कार्यो का संचालन भ्रष्ट तरीके से किया जा रहा है । ग्राम पंचायत में कार्यो का विरोध करने पर सरपंच पति द्वारा उनके साथ अभद्रता की गयी और सचिव के साथ मिलकर निरंतर भ्रष्टाचार किया जा रहा है । जिसकी शिकायते बरघाट जनपद, जिला पंचायत, जिला कलेक्टर की जनसुनवाई सहित सी एम हेल्प लाईन में भी की गयी परंतु आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं होने से मजबूरन उसे लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत अमरण अनशन जैसा अप्रिय निर्णय लेना पड़ रहा है और आगामी 06 जून से न्याय की मांग को लेकर अमरण किया जायेगा ।
पंच का कोटेकर का ने बताया कि ग्राम पंचायत बुढैनाखुर्द में सरपंच वीणा टेंम्भरे के पति उमाशंकर टेंम्भरे सचिव हेमराज राहंगडाले सहायक सचिव करूणा गेडाम द्वारा ग्राम विकास के किसी भी कार्य में प्रस्ताव पारित करने से पूर्व पंच परामर्श नहीं किया जाता है और प्रस्ताव पारित कर लिया जाता है। यह बात पंच शिवराम कोठेकर ने पंचायत में कही जिस पर सरपंच पति उमाशंकर टेंम्भरे भडक गये और उन्होंने 10 जून 2023 को वहाँ रखी कुर्सी मारने के लिये उठा ली तथा अभद्र व्यवहार किया। मामले को लेकर पंच घबरा गये और उन्होंने इसकी शिकायत अनेक अधिकारियों के साथ-साथ 181 सीएम हेल्पलाईन में भी लगाई थी लेकिन जनपद के अधिकारियों ने उक्त मामले में न तो जांच की और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। जिसको लेकर शिवराम न्याय की गुहार लेकर दर दर की ठोकरें खा रहा है।
कोटेकर का आरोप है कि ग्राम पंचायत में मनरेगा के जो कार्य किये गये हैं उनमें सरपंच के सक्षम परिजनों के नाम भी दर्शाये गये हऔर आर्थिक कदाचरण किया गया है ।
पंच का आरोप है कि निर्धन मृत व्यक्तियों की अंत्येष्ठि के नाम से भी राशि अहरण किया गया है और निर्धन व्यक्तियों को नहीं दिया गया । इसके अतिरिक्त अनेक कार्य हैं जिसमें गोलमाल किया जा रहा है। किसी भी पंचायत में अगर महिला सरपंच है तो ग्राम पंचायत के कार्यों में सरपंच पति का हस्ताक्षेप शासन ने वर्जित किया है और ऐसे मामलो में सरपंच पति को जेल भी भेजने का प्रावधाना है । इसके बावजूद भी यहाँ पर सरपंच पति की मनमानी चल रही है।
यहाँ यह भी बता दें कि ग्राम पंचायत के पदाधिकारियों द्वारा पंच शिवराम को पागल है कर बदनाम भी किया जा रहा है और पंच की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाई जा रहा है । ग्राम पंचायत के भ्रष्ट कार्यो को बरघाट जनपद के अधिकारी भी संरक्षण दे रहे है और पंच पर शिकायत वापिस लेने का दबाव बनाते है ।



