सिवनीमध्यप्रदेश

99 साल की लीज़ खत्म, फिर भी मिशन स्कूल चालू: अनुदान पर बड़ा सवाल

पूर्व सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव डॉ. ढालसिंह बिसेन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

सिवनी मिशन स्कूल लीज़ समाप्त

Seoni 27 February 2026
सिवनी यशो:- सिवनी शहर में अंग्रेज़ी शासन काल से संचालित ईसाई मिशनरी संस्था द्वारा चलाए जा रहे मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल के संचालन को लेकर एक बार फिर गंभीर और चौंकाने वाले सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय की 99 वर्ष की लीज़ अवधि समाप्त हो जाने के बावजूद न केवल इसका संचालन जारी है, बल्कि इसे मध्यप्रदेश शासन से अनुदान (ग्रांट) भी दिया जा रहा है। इस स्थिति ने नियमों, जवाबदेही और प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

इसी मुद्दे को लेकर पूर्व सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को औपचारिक पत्र सौंपते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

सिवनी मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल की 99 साल की लीज़ समाप्त, पूर्व सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन द्वारा शासनाधीन लेने की मांग
पूर्व सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन ने मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल की लीज़ समाप्ति के बाद भी जारी संचालन को लेकर मुख्यमंत्री को शिक्षा मंत्री के माध्यम से पत्र सौंपकर स्कूल को शासनाधीन लेने की मांग की।

लीज़ समाप्त, फिर भी अनुदान—नीति पर सीधा सवाल

पत्र में पूर्व सांसद ने स्पष्ट किया है कि मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल की लीज़ समाप्त होने के बाद भी न तो विद्यालय को शासनाधीन लिया गया और न ही किसी अन्य पंजीकृत संस्था को संचालन का अधिकार सौंपा गया। इसके बावजूद अनुदान जारी रहना नीतिगत विसंगति को उजागर करता है, जो नियमों के विपरीत प्रतीत होती है।

पहले भी उठी थी आवाज़, कार्रवाई अब तक शून्य

पूर्व सांसद ने यह भी उल्लेख किया कि इससे पहले शहरवासियों की मांग पर विद्यालय को शासनाधीन लेने हेतु पत्राचार किया गया था, लेकिन कोई ठोस निर्णय या कार्रवाई नहीं की गई। इससे आम नागरिकों में असंतोष और भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

सिवनी मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल की 99 साल की लीज़ समाप्त, पूर्व सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन द्वारा शासनाधीन लेने की मांग
पूर्व सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन ने मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल की लीज़ समाप्ति के बाद भी जारी संचालन को लेकर मुख्यमंत्री को शिक्षा मंत्री के माध्यम से पत्र सौंपकर स्कूल को शासनाधीन लेने की मांग की।

मुख्यमंत्री से दो-टूक मांग

पत्र में मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है कि—

  • लीज़ समाप्त हो चुकी संस्था को शासन द्वारा संचालित किया जाए,

  • या किसी अन्य विधिवत पंजीकृत संस्था को संचालन अधिकार दिए जाएं।

डॉ. बिसेन ने इसे शिक्षा व्यवस्था, अनुदान नीति और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा गंभीर विषय बताया है।

शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा व्यापक असर

शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मामले में समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो इससे न केवल शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होगी, बल्कि शासन की अनुदान नीति पर भी सवाल खड़े होंगे। अब निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

Dainikyashonnati

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