गेहूं खरीदी में घोटाला : नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक सस्पेंड
कागजो में की गयी खरीदी पर मुख्यमंत्री डां. मोहन यादव ने दिया निलंबित करने के निर्देश
भोपाल :- भ्रष्ट तरीके से दौलात जमा करने की भूख इस कदर बढ़ रही है कि शासकीय अधिकारी कर्मचारियों में कानून का भय भी नहीं है । एक अधिकारी काल्पनिक रूप से 13 ट्रक गेंहू खरीद कर भुगतान दर्शा देता है और उक्त काल्पनिक गेंहू को पहले वेयर हाउस के गोदाम और फिर रेल्वे रैंक पाईंट (railway rank point) के लिये टीसी आँर्डर कर देता है और रेल्वे रैक पाईंट एक दाना गेहूँ भी नहीं पहुँचता ।
समर्थन मूल्य में किसानों से खरीदे जा रहे गेंहूँ में इस प्रकार की गड़बडी सामने आने पर अमित गौड़ जिला प्रबंधक सतना को प्रदेश के मुख्यमंत्री डांं. मोहन यादव (Dr. Mohan Yadav) के निर्देश पर निलंबित (Suspended) कर दिया गया ।
मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड (Madhya Pradesh State Civil Supplies Corporation Limited) मुख्यालय भोपाल से जारी आदेश क्रमांक/स्थापना/ /2024/331 भोपाल (Bhopal) दिनांक 21/05/24 में लिखा है कि सतना जिले में प्रचलित गेहूँ उपार्जन 2024-25 में समर्थन मूल्य अंतर्गत उपार्जन केन्द्र कारीगोही (Kari Gohi) से दिनांक 08/05/2024 को 8 ट्रक गेहूँ मात्रा 2360 क्विंटल एवं दिनांक 13/05/24 को 05 ट्रक गेहूँ मात्रा 1500 क्विंटल परिवहन किया गया। उक्त ट्रक गोदामों पर नहीं पहुंचे किन्तु उन ट्रकों को सर्वेयर द्वारा पास किया गया एवं कार्पोरेशन (Corporation) के प्रदाय केन्द्रों से स्वीकृति पत्रक (approval letter) जारी किये गये एवं सबंधित किसानों को भुगतान किया गया।
उक्त सर्वेयर (surveyor) का रजिस्ट्रेशन सीएमएमएस पोर्टल (Registration CMMS Portal) पर जिला प्रबंधक के लॉगिन से किया गया था। इस प्रकरण में अमित गौड़ जिला प्रबंधक सतना द्वारा सर्वेयर के रजिस्ट्रेशन वा ट्रक से गेहूँ गोदाम में जमा होने बारे में पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गयी। इस प्रकार श्री अमित गौड़ द्वारा अपने कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती गयी है।
अत: अमित गौड़ जिला प्रबंधक सतना को म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के प्रावधान अन्तर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर निर्धारित किया जाता है। निलंबन अवधि में अमित गौड़ को नियमानुसार निर्वाह भत्ता देय होगा। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।
कुछ इस प्रकार हुआ खेला
जानकारी के अनुसार खरीदी केन्द्र से पहले 13 ट्रक गेहूं की खरीदी दिखाते हुए रेडी टू ट्रांसपोर्ट किया गया। इसके बाद टीसी काट कर इन ट्रकों को कोटर तहसील के लखनवाह स्थित एमपी वेयर हाउस के गोदाम में जमा करने का आदेश दिया गया। ये ट्रक खरीदी केन्द्र से वेयर हाउस पहुंचते,उसके पहले ही टीसी के ऑर्डर में बदलाव कर दिया गया और वेयर हाउस के गोदाम (warehouse) से टीसी को डायवर्ट कर रेलवे रैक प्वाइंट कर दिया जाता है।
लेकिन गेहूँ और ट्रक सब कागजो पर थे एक दाना गेहूँ नहीं था फिर कागजों में अनलोड (unload) कर दिया गया। वेयर हाउस से रैक प्वाइंट के लिए डायवर्ट (divert) किया गया गेहूं कागजों में रेलवे रैक प्वाइंट पहुंच जाता है। इसके बाद केवल कागजों पर इस गेहूं की जांच होती है और गेहूं को रैक प्वाइंट पर उतार दिया जाता है। इस काल्पनिक गेहूं को नान के सर्वेयर द्वारा स्वीकृत कर दिया जाता है और भुगतान कर दिया गया ।






