गोरखपुर ग्राम पंचायत में 4.5 लाख के दोहरे भुगतान का आरोप, नर्मदा परिक्रमा पथ कार्य में अनियमितता
पौधारोपण–फेंसिंग और समतलीकरण कार्य में एक ही स्थल के जियो टैग, शिकायत के बाद जांच की मांग
घंसौर। जनपद पंचायत घंसौर अंतर्गत ग्राम पंचायत गोरखपुर में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी राशि के दुरुपयोग और दोहरे भुगतान का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
दो अलग कार्य दिखाकर निकाली गई राशि
प्राप्त जानकारी के अनुसार नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रम स्थल पर पौधारोपण एवं फेंसिंग कार्य के लिए 16 अगस्त 2024 को स्वीकृति दी गई थी, जिसमें लगभग 2 लाख 36 हजार रुपये खर्च दर्शाए गए हैं।
इसके अलावा पेट्रोल पंप के पीछे गोरखपुर में समतलीकरण कार्य के नाम पर कार्य क्रमांक 1737 00 3077 / LD / 22012034591493 के तहत 29 दिसंबर 2024 को बिल प्रस्तुत कर 11 जुलाई 2025 को लगभग 2 लाख 38 हजार रुपये का भुगतान किया गया।
एक ही स्थल के जियो टैग और फोटो
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों कार्यों के जियो टैग और फोटो एक ही स्थान के बताए जा रहे हैं, जिससे दोहरे भुगतान की आशंका जताई जा रही है।
मौके पर नहीं दिखा समतलीकरण कार्य
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर समतलीकरण कार्य दर्शाया गया है, वह पथरीला क्षेत्र है और मौके पर किसी प्रकार का वास्तविक समतलीकरण कार्य दिखाई नहीं देता। इसके बावजूद कागजों में कार्य पूर्ण दर्शाकर राशि निकाल ली गई।
घटिया सामग्री और फर्जी पौधारोपण की भी आशंका
नर्मदा परिक्रमा पथ पर किए गए पौधारोपण और फेंसिंग कार्य में भी घटिया सामग्री के उपयोग और फर्जी पौधारोपण की आशंका जताई गई है।
जांच की ओर टिकी लोगों की नजर
बताया जा रहा है कि इस मामले की जानकारी पहले भी कुछ अधिकारियों को थी, लेकिन कथित रूप से मामला दबा दिया गया। अब दोबारा लिखित शिकायत दिए जाने के बाद ग्रामीणों की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाती है तो पूरे मामले में बड़े स्तर की वित्तीय अनियमितता उजागर हो सकती है।





