खेत से बड़े बाजार तक पहुंचेगा सिवनी का जम्बो सीताफल, महाराष्ट्र पहुंचा किसान दल
दिनशॉ आइसक्रीम फैक्ट्री में सीताफल पल्प के उपयोग और कारोबार की संभावनाओं पर मंथन, किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
सिवनी जम्बो सीताफल को बड़ा बाजार, महाराष्ट्र पहुंचा किसान दल
सिवनी, 30 सितंबर 2026
सिवनी यशो:- सिवनी की पहचान बन चुके जीआई टैग प्राप्त जम्बो सीताफल को अब स्थानीय बाजार की सीमाओं से बाहर निकालकर बड़े व्यावसायिक बाजार से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। किसानों को सीताफल की बेहतर कीमत और नई बाजार संभावनाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने ‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान के तहत प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और औद्योगिक उपयोग की दिशा में पहल तेज कर दी है।
इसी कड़ी में सीताफल उत्पादक किसानों, उद्यमियों और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों का 15 सदस्यीय दल महाराष्ट्र के प्रशिक्षण-सह-अध्ययन भ्रमण पर पहुंचा है। जिला स्तरीय सीताफल कार्यशाला के बाद कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
सीताफल की खेती से आगे, अब पल्प और उत्पादों पर जोर
कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना का जोर सीताफल को केवल फल के रूप में बेचने तक सीमित रखने के बजाय उसकी पूरी वैल्यू चेन विकसित करने पर है। इसके तहत सीताफल के प्रसंस्करण, पल्प तैयार करने, मूल्य संवर्धित उत्पाद बनाने और बड़े खाद्य उद्योगों तक इसकी पहुंच बनाने की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है।
जिला उद्यानिकी अधिकारी डॉ. आशा उपवंशी वासेवार के नेतृत्व में महाराष्ट्र पहुंचा दल वहां सीताफल के प्रसंस्करण, गुणवत्ता, उत्पाद निर्माण, बाजार की मांग और विपणन व्यवस्था का प्रत्यक्ष अध्ययन कर रहा है।
दिनशॉ फैक्ट्री में पल्प के कारोबार पर सीधी बातचीत
भ्रमण के प्रथम दिवस दल ने महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC), नागपुर स्थित दिनशॉ आइसक्रीम फैक्ट्री का भ्रमण किया। यहां दल ने औद्योगिक स्तर पर प्रसंस्करण और उत्पाद निर्माण की प्रक्रिया को करीब से समझा।
इसके बाद दिनशॉ कंपनी के प्रबंधकों के साथ बैठक में सीताफल पल्प के क्रय-विक्रय, व्यावसायिक उपयोग, गुणवत्ता और बाजार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस दौरान यह जानने का प्रयास किया गया कि सिवनी में उत्पादित जम्बो सीताफल को प्रसंस्करण के माध्यम से किस तरह बड़े खाद्य उद्योगों और बाजारों से जोड़ा जा सकता है।
किसानों की आय बढ़ाने पर सीधा फोकस
महाराष्ट्र का यह प्रशिक्षण-सह-भ्रमण किसानों और स्थानीय उद्यमियों को यह समझने का अवसर दे रहा है कि सिर्फ उत्पादन बढ़ाने के बजाय प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के जरिए कृषि उपज का बाजार मूल्य कैसे बढ़ाया जा सकता है।
सीताफल पल्प जैसे उत्पादों के औद्योगिक उपयोग की संभावनाएं विकसित होने पर किसानों के लिए बाजार का दायरा बढ़ सकता है। इससे सिवनी के जीआई टैग प्राप्त जम्बो सीताफल को नई पहचान मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण इकाइयों, उद्यमिता और रोजगार की संभावनाएं भी विकसित हो सकती हैं।
सिवनी के जम्बो सीताफल को ब्रांड बनाने की दिशा में कदम
जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य सिवनी के जम्बो सीताफल को केवल एक स्थानीय कृषि उत्पाद के रूप में नहीं, बल्कि बड़े बाजार के लिए पहचान रखने वाले ब्रांड के रूप में स्थापित करना है।
महाराष्ट्र में औद्योगिक भ्रमण के बाद प्राप्त अनुभव के आधार पर जिले में सीताफल के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन की संभावनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। इससे खेत में पैदा होने वाले सिवनी के जम्बो सीताफल को बड़े बाजार तक पहुंचाने और किसानों को उसकी बेहतर कीमत दिलाने की दिशा में नई राह खुलने की उम्मीद है।



