हेल्थमंडलामध्यप्रदेश

अस्पताल में पानी नहीं, गंदगी का अंबार; मरीज-परिजन परेशान, व्यवस्था सुधारने सौंपा ज्ञापन

निवास CHC में पेयजल और सफाई व्यवस्था को लेकर सिविल अस्पताल संघर्ष समिति ने उठाई आवाज, टैंकर से तत्काल जलापूर्ति की मांग

निवास CHC में पानी और गंदगी का संकट, मरीज-परिजन परेशान

निवास (जिला मंडला) यशो :- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) निवास में पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल में पानी की समस्या और परिसर में गंदगी की स्थिति से मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या के तत्काल निराकरण की मांग को लेकर सिविल अस्पताल संघर्ष समिति, निवास ने 28 सितंबर को संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है।

समिति का कहना है कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर पेयजल और स्वच्छता की पर्याप्त व्यवस्था होना बेहद जरूरी है, लेकिन वर्तमान स्थिति में मरीजों और उनके परिजनों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

निवास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पेयजल और सफाई व्यवस्था को लेकर समस्या
निवास CHC में पेयजल और सफाई व्यवस्था सुधारने की मांग को लेकर सौंपा गया ज्ञापन

वाटर कूलर खराब, पेयजल को लेकर परेशानी

समिति के अनुसार अस्पताल परिसर और विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों तथा उनके तीमारदारों के लिए शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। परिसर में लगाए गए वाटर कूलरों में कुछ के खराब होने तथा उपलब्ध पानी की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं।

पानी की समस्या का असर अस्पताल के मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों और स्टाफ पर भी पड़ रहा है। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों के लिए समस्या और गंभीर हो जाती है।

वार्ड और शौचालयों में सफाई व्यवस्था पर सवाल

ज्ञापन में अस्पताल के वार्डों, शौचालयों और बाथरूमों की नियमित सफाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। समिति के अनुसार कई स्थानों पर गंदगी और दुर्गंध की स्थिति बनी रहती है।

समिति ने कचरा एवं बायो-वेस्ट प्रबंधन को लेकर भी चिंता जताते हुए अस्पताल परिसर में बेहतर स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। समिति का कहना है कि अस्पताल में स्वच्छता व्यवस्था कमजोर होने से मरीजों और उनके परिजनों के लिए संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है।

बोरवेल में पानी नहीं तो टैंकर से हो तत्काल आपूर्ति

स्थानीय एडवोकेट गगन रजक ने अस्पताल में पेयजल संकट पर चिंता जताते हुए कहा कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर पानी की कमी को तत्काल दूर किया जाना चाहिए।

उन्होंने सुझाव दिया कि यदि अस्पताल के बोरवेल में जलस्तर कम होने अथवा पानी उपलब्ध नहीं होने की स्थिति है, तो प्रशासन को टैंकर अथवा अस्थायी टंकियों के माध्यम से तत्काल वैकल्पिक जलापूर्ति शुरू करनी चाहिए, ताकि मरीजों, परिजनों और स्टाफ को पीने के पानी के साथ शौचालय एवं अन्य आवश्यक उपयोग के लिए पानी उपलब्ध हो सके।

समिति ने रखी तत्काल कार्रवाई की मांग

सिविल अस्पताल संघर्ष समिति और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में प्रमुख रूप से—

  • मरीजों और अस्पताल स्टाफ के लिए शुद्ध पेयजल की तत्काल व्यवस्था करने।
  • खराब वाटर कूलरों को दुरुस्त कराने तथा पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने।
  • वार्डों, शौचालयों और बाथरूमों की नियमित सफाई कराने।
  • अस्पताल में कचरा एवं बायो-वेस्ट प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने।
  • बोरवेल से जलापूर्ति संभव नहीं होने पर टैंकर अथवा वैकल्पिक जलस्रोत से तत्काल पानी उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

अब स्थानीय नागरिकों और मरीजों के परिजनों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। लोगों की मांग है कि अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि दूर-दराज के गांवों से इलाज कराने आने वाले मरीजों को उपचार के साथ स्वच्छता और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी मिल सकें।

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!