रेलवे गुड्स यार्ड की सड़क बनी कचरा डंपिंग यार्ड, स्वच्छता अभियान पर उठे सवाल
कटंगी रोड से बरघाट रोड को जोड़ने वाली सड़क के दोनों ओर कचरे के ढेर, प्लास्टिक कचरे में आग लगाने से प्रदूषण का खतरा
सिवनी में रेलवे गुड्स यार्ड की सड़क बनी कचरा डंपिंग यार्ड
Seoni, 15 October 2026
सिवनी यशो:- देशभर में स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे स्वच्छ भारत मिशन के बीच सिवनी में रेलवे गुड्स यार्ड की ओर जाने वाली सड़क की स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। कटंगी रोड से बरघाट रोड को जोड़ने वाली रेलवे विभाग द्वारा निर्मित सड़क के दोनों ओर कचरे के ढेर जमा हो रहे हैं। रेलवे रैक प्वाइंट तक माल परिवहन और आवागमन को सुगम बनाने के लिए बनाई गई यह सड़क अब आम नागरिकों के आवागमन का भी प्रमुख मार्ग बन चुकी है, लेकिन इसके आसपास फैली गंदगी स्वच्छता व्यवस्था और नागरिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर रही है।

स्थानीय स्तर पर सामने आ रही इस समस्या का एक बड़ा पहलू यह है कि सड़क किनारे प्लास्टिक की बोरियों में भरकर विभिन्न प्रकार का कचरा फेंका जा रहा है। डिस्पोजेबल प्लेटें, दोने, सिंगल यूज प्लास्टिक की थैलियां, खाद्य सामग्री के अवशेष और पुराने कपड़े सहित अन्य अपशिष्ट खुले में पड़े दिखाई देते हैं। समय के साथ कचरे का जमाव बढ़ने से सड़क किनारे का क्षेत्र डंपिंग यार्ड जैसा स्वरूप लेता जा रहा है।
न चेतावनी बोर्ड, न रोकथाम के प्रभावी इंतजाम
इस मार्ग पर कचरा फेंकने की समस्या के पीछे नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की कमी के साथ संबंधित विभागों की निगरानी का अभाव भी एक महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। सड़क के किनारे कचरा नहीं फेंकने संबंधी चेतावनी बोर्ड नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसे में लोग बिना किसी रोक-टोक के दिन या रात में कचरा डालकर निकल जाते हैं।
सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य भी है। इसके बावजूद खुले में कचरा फेंकने की प्रवृत्ति न केवल शहर की सुंदरता को प्रभावित करती है, बल्कि पर्यावरण और आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी परेशानी पैदा कर सकती है।

कचरे में आग लगाने से बढ़ सकता है वायु प्रदूषण
सड़क किनारे जमा कचरे में कुछ लोग आग भी लगा देते हैं। ऐसा संभवतः इस सोच के कारण किया जाता है कि कचरा जलने से समाप्त हो जाएगा और सड़क किनारे गंदगी नहीं फैलेगी। लेकिन प्लास्टिक और अन्य मिश्रित कचरे को खुले में जलाने से धुआं तथा हानिकारक प्रदूषक उत्पन्न हो सकते हैं। इससे आसपास के वातावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा रहता है।
कचरे का उचित संग्रहण और निर्धारित स्थान पर निस्तारण ही इसका स्थायी समाधान है। खुले में कचरा फेंकने और उसे जलाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए निगरानी के साथ जनजागरूकता भी आवश्यक है।
कटंगी रोड के अंडरपास के पास कचरे का बड़ा ढेर
इस मार्ग पर कटंगी रोड स्थित अंडरपास के किनारे कचरे का बड़ा ढेर दिखाई देने की बात भी सामने आई है। उल्लेखनीय है कि नगर पालिका के कचरे से भरे टिप्पर और डंपर प्रतिदिन कटंगी रोड से होकर गुजरते हैं। इसके बावजूद रेलवे गुड्स यार्ड की ओर जाने वाली सड़क पर जमा कचरे की समस्या का समाधान नहीं हो पाने से नागरिकों के बीच सवाल उठ रहे हैं।
रेलवे विभाग और नगर पालिका प्रशासन के बीच जिम्मेदारी को लेकर समन्वय की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यदि नियमित निरीक्षण, कचरा डालने वालों पर कार्रवाई और समयबद्ध सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, तो इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
रेलवे और नगर पालिका प्रशासन से कार्रवाई की अपेक्षा
सड़क के दोनों ओर जमा कचरे की समस्या के समाधान के लिए रेलवे प्रशासन और नगर पालिका को संयुक्त रूप से पहल करने की जरूरत है। मार्ग पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और खुले में कचरा फेंकने वालों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, कचरे में आग लगाने की घटनाओं को रोकने के लिए भी प्रभावी निगरानी जरूरी है।
स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब स्वच्छता के संदेश का पालन सार्वजनिक स्थलों पर भी दिखाई दे। रेलवे गुड्स यार्ड की ओर जाने वाली सड़क पर फैली गंदगी अब संबंधित विभागों के लिए ध्यान देने योग्य विषय बन गई है। जरूरत इस बात की है कि जिम्मेदार विभाग समस्या का संज्ञान लेकर ठोस कदम उठाएं, ताकि यह महत्वपूर्ण सड़क कचरा डंपिंग स्थल के बजाय स्वच्छ और सुगम आवागमन मार्ग के रूप में पहचानी जाए।
— संजय मिश्रा
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