श्री ललिता त्रिपुर सुंदरी राजराजेश्वरी के दिव्य स्वरूप में दर्शन दे रहीं माँ बड़ी माता
दक्षिण भारतीय शैली का भव्य श्रृंगार बना श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र, 501 महिलाओं ने किया सुहागले पूजन; नए भव्य मंदिर में माँ को विराजमान करने का संकल्प
छिंदवाड़ा: श्री ललिता त्रिपुर सुंदरी के दिव्य स्वरूप में माँ बड़ी माता के दर्शन
Chhindwara, 15 October 2026
छिंदवाड़ा यशो:- नगर शक्ति पीठ श्री बड़ी माता मंदिर, छोटा बाजार में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर माँ बड़ी माता का दिव्य और मनोहारी श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस वर्ष माँ बड़ी माता भक्तों को श्री ललिता त्रिपुर सुंदरी राजराजेश्वरी के अलौकिक स्वरूप में दर्शन दे रही हैं। दक्षिण भारतीय शैली में किए गए विशेष श्रृंगार में माँ का दिव्य वैभव, पारंपरिक आभूषणों की भव्यता और बारीक कलात्मक सज्जा श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर रही है।
मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष संतोष सोनी ने बताया कि माँ के मुकुट को तमिलनाडु की विशेष गोल्ड फॉइल से अलंकृत किया गया है। पारंपरिक आभूषणों और आकर्षक श्रृंगार के माध्यम से माँ के स्वरूप को विशेष भव्यता प्रदान की गई है। माँ के दर्शन के लिए मंदिर पहुँच रहे श्रद्धालु श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
माँ के दिव्य आयुधों में छिपा है गहन आध्यात्मिक संदेश
इस वर्ष माँ के श्रृंगार में उनके हाथों में दर्शाए गए तोता, पाश, अंकुश, गन्ने का धनुष, कृपाण और बाण विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। श्रीविद्या परंपरा में माँ ललिता त्रिपुर सुंदरी का यह स्वरूप शक्ति, करुणा, सौंदर्य और कल्याण का प्रतीक माना जाता है। इन दिव्य प्रतीकों को प्रेम, मन पर नियंत्रण, इंद्रिय संयम, विवेक और शक्ति के आध्यात्मिक संदेश से जोड़कर देखा जाता है।
माँ के श्रृंगार में दर्शाया गया हाथी भी विशेष महत्व रखता है। भारतीय धार्मिक परंपरा में हाथी ऐश्वर्य, शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। गजलक्ष्मी स्वरूप में हाथियों का संबंध देवी लक्ष्मी की कृपा और वैभव से जोड़ा जाता है। मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ ये प्रतीक श्रद्धालुओं के मन में सेवा, सहयोग, विश्वास और मंगलमय भविष्य की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं।
501 महिलाओं ने किया सुहागले पूजन, मंदिर निर्माण की कामना
नवरात्रि के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में वृहद स्तर पर सुहागले पूजन का आयोजन किया गया, जिसमें 501 महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजन-अर्चन किया। इस दौरान महिलाओं ने माँ बड़ी माता से नए भव्य मंदिर का निर्माण शीघ्र पूर्ण होने और माँ को नए मंदिर में विराजमान करने की मंगलकामना की। सामूहिक पूजन में श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास का वातावरण देखने को मिला।
दो महीने में नए भव्य मंदिर में माँ को विराजमान करने का संकल्प
नगर शक्ति पीठ श्री बड़ी माता मंदिर में नए भव्य मंदिर का निर्माण श्रद्धालुओं की आस्था और जनसहभागिता से जुड़ा महत्वपूर्ण संकल्प है। मंदिर ट्रस्ट का लक्ष्य है कि आगामी दो महीनों में माँ बड़ी माता को नए भव्य मंदिर में विधिवत विराजमान किया जाए।
इस संकल्प को साकार करने के लिए मंदिर ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमी नागरिकों से अपनी श्रद्धानुसार सहयोग देने की अपील की जा रही है। मंदिर निर्माण केवल एक भवन का निर्माण नहीं, बल्कि नगर की आस्था, धार्मिक परंपरा और सामूहिक सहभागिता से जुड़ा पुण्य कार्य है। ट्रस्ट ने सभी भक्तों से इस पावन अभियान में सहभागी बनकर माँ बड़ी माता के नए धाम को भव्य स्वरूप प्रदान करने में योगदान देने का आह्वान किया है।
यह भी पढ़े :-
राज्यपाल बनाने का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी और संगठन को: डॉ. ढालसिंह बिसेन
कार्यकर्ता संगठन की रीढ़, भाजपा को सर्वस्पर्शी बनाना हमारा लक्ष्य: चंद्रशेखर
सहकारी समितियों के खाते सहकारी बैंकों में खुलवाएं, कलेक्टर ने दिए निर्देश



