कहानी यशो:= कहानी में स्थित डाकघर कार्यालय में पदस्थ पोस्टमास्टर भुवन लाल नागेश की कार्य प्रणाली हितग्राही एवं खाता धारी के लिए परेशानी का करण बनी है भारत शासन एवं प्रदेश शासन की विभिन्न योजनाएं की राशियों का आवागमन पोस्ट ऑफिस के ही खातों में अधिकांश रूप से किया जाता है और इसी का नाजायज फायदा पोस्ट मास्टर के द्वारा उठाया जाता है हितग्राहियों एवं खाता धारी से पैसे निकालने के एवज में राशि की मांग की जाती है पैसे नहीं दिए जाने पर विभिन्न प्रकार के बहाने बताकर विड्रॉल को वापस कर दिया जाता है यह आरोप मुंह जुबानी नहीं लगाया जा रहा अनेक हितग्राही एवं खाता धारी के द्वारा इसकी शिकायत की गई और नगर कहानी में पोस्ट मास्टर की कार्य प्रणाली भी चर्चा का विषय बनी हुई है आला अधिकारीयो को भी इस पोस्ट मास्टर की कार्य प्रणाली का बखूबी अंदाज़ है उसके बाद भी जानबूझकर किसी प्रकार की कार्यवाही करने से बचते नजर आ रहे हैं और अधिकारियों को हितग्राही खाता धारी की परेशानी से किसी प्रकार का कोई लेना देना समझ नहीं आ रहा है इस बात की लिखित शिकायत भी की जा चुकी है किंतु एक माह बीत जाने के बाद भी किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं हुई मतलब सीधा और साफ है कि मध्य प्रदेश शासन एवं भारत शासन की योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को प्राप्त होने वाली लाभान्वित राशि पर सीधे-सीधे पोस्टमास्टर ढाका डालने की नियत रखता है उसके द्वारा डाकघर कार्यालय में पहुंचने वाले लेनदेनकर्ताओं से भी अभद्रता पूर्वक बात की जाती है जिससे दुखी मन से लेनदेन करता वापस हो जाता है पूर्व में भी प्रभु सल्लाम निवासी भेड़ा के द्वारा लिखित शिकायत डाकघर इंस्पेक्टर सिवनी धन सिंह उइके को की गई थी किंतु किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हुई और लगातार पोस्टमास्टर के द्वारा वही कार्य प्रणाली आज भी अपनाई जा रही है जिससे लेनदेन कर्ता मैं काफी रोश देखा जा रहा है और डाकघर कार्यालय में यह गुस्सा कभी भी फूट सकता है


