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मक्का के लिये यह विधि वरदान, और सरकार से अनुदान भी

Dainik Yashonnati

Dainik Yashonnati / May 23, 2024 05:47 pm / Post views : 298

मक्का के लिये यह विधि वरदान, और सरकार से अनुदान भी
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किसान बंधुओं से रेज्ड बेड प्लांटर पद्धति से मक्का की बोनी की अपील

सिवनी यशो:- कलेक्टर क्षितिज सिंघल (Collector Kshitij Singhal) एवं उपसंचालक कृषि मोरिस नाथ (Deputy Director Agriculture Morris Nath) द्वारा किसानों से अपील की गई है कि वे आगामी खरीफ सत्र में मक्का की बोनी रेज्ड बेड प्लांटर तकनीकि (Raised Bed Planter Technology) से करें। उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में मक्का का रकबा 1.80 लाख हेक्टेयर है। मक्का की फसल में जलभराव की स्थिति में अंकुरण में कमी एवं तना सडऩ रोग की समस्या पाई जाती है। इन सभी समस्याओं से निजात पाने के लिये रेज्ड बेड प्लांटर मशीन (Machine) किसानों के लिये वरदान साबित हुई है। ऊंची मेड़ और गहरी नाली से खेती (Farming) करने की रेज्ड बेड प्लांटर पद्धति ने कृषि जगत में अहम बदलाव आया है। इससे अतिवृष्टि और कम बारिश (excessive rainfall and low rainfall) से फसल (Crop) को क्षति की चिंता भी दूर हो गई है। जिले के किसान इतने प्रभावित है कि खरीफ सीजन (Kharif season) की प्रमुख फसल मक्का की बुवाई (sowing of maize) के लिए पद्धति का ही सहारा ले रहे हैं। 2020 में कुछ किसानों ने आधुनिक रेज्ड बेड प्लांटर पद्धति का उपयोग कर ट्रेक्टर (tracto) में यंत्र लगाकर खेत तैयार किए। इससे अतिवृष्टि में अतिरिक्त पानी फसल को नुकसान पहुंचाए बिना ही खेत से निकल गया। इसकी सफलता के बाद इस साल मक्का की खेती के तरीके का पूरा नक्शा बदलने लगा है। किसान खेत तैयार करते समय गहरी नाली (deep drain) और मेड़ (ridge) बना रहे है। मेड़ पर मक्का की बुवाई भी हो रही है। यह परंपरागत खेती के तरीके में अहम बदलाव है। इससे अतिवृष्टि, कम बारिश की चुनौतियों से निपटना आसान होगा।

क्या है रेज्ड बेड प्लांटर -

यह बुवाई का यंत्र है। इस ट्रेक्टर के पीछे लगाकर खेत में एक ही समय में मेड़ और नाली बनाई जा सकती है। इस तकनीकि में मेड़ और नाली बनाई जा सकती है। इस तकनीकि में मेंड पर बुवाई की जाती है। ज्यादा वर्षा होने से फसल को नुकसान नही होता। पानी नालियों के सहारे निकल जाता है। कम बारिश होने पर नालियों से मेड़ में नमी बनी रहती है। इस पद्धति में मेंड़ की कतार 60 से 75 सेंटीमीटर (centimeter) में तैयार होती है।

रेज्ड बेड प्लांटर से बोनी के फायदे -

1. अधिक वर्षा की स्थिति में खेतों में जलभराव की स्थिति निर्मित नही होती। 2. वर्षा का अधिक जल नाली के माध्यम से बाहर निकल जाता है। 3. जलभराव न होने से तना सडऩ की संभावना कम होती है। 4. फसलों उर्वरक एवं निदानाशक डालने हेतु पयार्प्त जगह मिलती है।

कृषक क्या कहते है -

सिवनी जिले के ग्राम पोगार, हिनोतिया के कृषक दिनेश ठाकुर बताते है कि उन्होंने लगभग 10 एकड़ रकब में मक्का की बोनी रेज्ड बेड प्लांटर के माध्यम से की है जो एक सफल पद्धति है जिससे मक्का की बोनी करने पर अधिक वर्षा से मक्का खराब होने की समस्या का समाधान हुआ है। उपसंचालक कृषि मोरिस नाथ का कहना है कि कृषक भाई इस उन्नत तकनीकि का अधिक से अधिक प्रयोग करे ताकि अधिक वर्षा से मक्का फसल को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकें। सहायक कृषि यंत्री श्री जे.एस.धुर्वे का कहना है कि यह यंत्र मक्का फसल के लिये 1 लाख रूपये तक उपलब्ध है जिसमें 25 से 30 हजार रूपये तक का अनुदान (Grant) कृषि अभियंत्रिकी विभाग के माध्यम से देय होता है।