महिलाओं का कहना है कि:
"हमारे बच्चे, युवा और पूरे समाज का भविष्य नशे की गिरफ्त में जा रहा है। कई सड़क दुर्घटनाएं शराब के नशे में हुई लापरवाही के चलते हो चुकी हैं। गाँव में बिना लाइसेंस के शराब की आपूर्ति आम हो गई है, जिससे कच्ची और पक्की दोनों तरह की शराब का खुलेआम व्यापार हो रहा है।" नारी शक्ति संगठन की अगुवाई में 47 पंचायतों में नशा मुक्ति अभियान चलाया गया, जिसके अंतर्गत घर-घर जाकर महिलाओं ने शराब के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक किया।महिलाओं ने प्रशासन से माँग की है कि:
धनौरा चौराहे पर स्थित देशी शराब दुकान को 500 मीटर दूर स्थानांतरित किया जाए। बिना लाइसेंस शराब बिक्री एवं आपूर्ति पर सख्त कार्यवाही की जाए।
विद्यालयों, मुख्य बाजार, धार्मिक स्थलों के पास स्थित शराब दुकानों को तत्काल हटाया जाए।
महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कोई कार्रवाई नहीं होती, तो वे भूख हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन जैसे उग्र कदम उठाने को विवश होंगी।