पीड़ित बलराम श्रीवास को साथ लेकर पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे पूर्व सांसद, निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होने पर जिलेभर में आंदोलन की चेतावनी; विधायक कमलेश शाह के पीए ने आरोपों को बताया महल को बदनाम करने की साजिश
छिंदवाड़ा यशो:- कांग्रेस पदाधिकारी बलराम श्रीवास के साथ कथित मारपीट, अपहरण और जान से मारने की धमकी देने के मामले ने जिले की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। मामले में पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट पूर्व सांसद नकुलनाथ पीड़ित को साथ लेकर पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने पुलिस को तीन दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि में ठोस कार्रवाई नहीं होने पर कांग्रेस पूरे जिले में आंदोलन करेगी।
नकुलनाथ बोले—राजनीतिक द्वेष से हिंसा बर्दाश्त नहीं
नकुलनाथ ने आरोप लगाया कि विचारों की राजनीतिक लड़ाई में मारपीट और अपहरण जैसी घटनाओं के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर राजनीति को अखाड़ा बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसी भी कांग्रेस कार्यकर्ता या पदाधिकारी के साथ राजनीतिक द्वेष के चलते हिंसा होती है, तो कांग्रेस इसका विरोध करेगी।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस जिलेभर में आंदोलन करेगी, जिसकी जवाबदेही शासन और प्रशासन की होगी।
क्या है पूरा मामला
कांग्रेस की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार, हर्रई के वार्ड क्रमांक-4 निवासी कांग्रेस पदाधिकारी बलराम श्रीवास गत रात्रि छिंदवाड़ा से हर्रई लौट रहे थे। आरोप है कि रात करीब 10 बजे महल के सामने चौराहे पर दो मोटरसाइकिलों से पहुंचे कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। शिकायत में भाजपा नेता अंशुल सोनी सहित अन्य चार लोगों पर मारपीट करने, मोबाइल छीनने और कथित रूप से उन्हें अमरवाड़ा विधायक के निवास परिसर में ले जाकर दोबारा मारपीट करने तथा जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत के मुताबिक, बलराम श्रीवास के मोबाइल से हर्रई ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रामजी उइके को आपत्तिजनक संदेश भी भेजा गया। बताया गया है कि घटनास्थल के पास गरबा कार्यक्रम चल रहा था, जहां मौजूद पीड़ित के भतीजे और भतीजी ने बीच-बचाव किया।
बलराम श्रीवास ने इस मामले में अमरवाड़ा पुलिस थाने में लिखित शिकायत दिए जाने की बात कही है। कांग्रेस का आरोप है कि शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, इन आरोपों और घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
विधायक कमलेश शाह के पीए ने आरोपों को नकारा
दूसरी ओर, अमरवाड़ा विधायक कमलेश शाह के पीए मोहन नेमा ने कांग्रेस के आरोपों पर अलग पक्ष रखा। उन्होंने दावा किया कि बलराम श्रीवास के खिलाफ छह आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं और पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की है, जिसमें उनके अनुसार कोई आपत्तिजनक तथ्य नहीं मिला।
नेमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास राजनीतिक मुद्दे नहीं बचे हैं और वह कथित रूप से महल को बदनाम करने के लिए अपराधियों का सहारा ले रही है। उन्होंने विधायक कमलेश शाह के पारिवारिक एवं निवास संबंधी संदर्भ का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के आरोपों पर सवाल उठाए।
एएसपी आशीष खरे बोले—जांच होगी
पुलिस कंट्रोल रूम में ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे ने कहा कि ज्ञापन प्राप्त हुआ है और मामले की जांच की जाएगी।
अब मामले में पुलिस जांच और उसके निष्कर्षों पर सबकी नजरें टिकी हैं। एक ओर कांग्रेस ने तीन दिन में कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है, वहीं विधायक के प्रतिनिधि ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है। ऐसे में शिकायत में लगाए गए आरोपों, संबंधित पक्षों के दावों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच से ही घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।