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ढाबे पर दबंगई! : खाने के बिल पर विवाद के बाद पेट्रोल बम फेंकने का आरोप

Dainik Yashonnati

Dainik Yashonnati / Oct 25, 2026 10:43 pm / Post views : 3

खाने के बिल पर विवाद के बाद पेट्रोल बम फेंकने का आरोप
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जातिसूचक गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत; CCTV में घटना रिकॉर्ड होने का दावा, पुलिस कार्रवाई पर नजर

Chhindwara, 25 October 2026

छिंदवाड़ा यशो:- परासिया थाना क्षेत्र के सोनापिपरी स्थित बड़ा बावर्ची ढाबा में खाने के बिल को लेकर शुरू हुआ विवाद गंभीर आरोपों तक पहुंच गया। ढाबा संचालक की ओर से दिए गए शिकायत आवेदन में एक युवक और युवती पर जातिसूचक गाली-गलौज करने, जान से मारने की धमकी देने और बाद में लौटकर पेट्रोल से भरी पन्नी फेंकने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि इस घटना के जरिए ढाबे में आग लगाने और वहां मौजूद कर्मचारियों की जान को खतरे में डालने की कोशिश की गई। शिकायत में मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

खाने के बिल को लेकर हुआ विवाद

शिकायत आवेदन के अनुसार, 23 अक्टूबर 2026 की देर रात सफेद रंग की कार क्रमांक MP 28 ZL 9111 से एक युवक और युवती सोनापिपरी स्थित ढाबे पर खाना खाने पहुंचे थे। भोजन के भुगतान के दौरान खाने की गुणवत्ता को लेकर विवाद होने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, विवाद के दौरान दोनों ने जातिसूचक अपशब्द कहे और जान से मारने की धमकी दी।

आवेदन में बताया गया है कि विवाद के बाद दोनों छिंदवाड़ा की ओर चले गए। कुछ समय बाद वे फिर ढाबे पर लौटे और कार में बैठे-बैठे आमलेट बनाने को कहा। इसके बाद वे दोबारा परासिया की ओर चले गए।

पेट्रोल से भरी पन्नी फेंकने का आरोप

ढाबा संचालक की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित युवक और युवती बाद में फिर लौटे और कथित तौर पर पेट्रोल से भरी पन्नी ढाबे की ओर फेंकी। शिकायतकर्ता ने इसे ढाबे को नुकसान पहुंचाने और वहां मौजूद कर्मचारियों की जान खतरे में डालने की कोशिश बताया है।

यदि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रमाणित होते हैं, तो मामला केवल खाने के बिल को लेकर हुए विवाद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगजनी के प्रयास और जान-माल को खतरे में डालने जैसे गंभीर पहलुओं की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।

CCTV फुटेज से जांच में मिल सकती है मदद

शिकायतकर्ता का दावा है कि पूरी घटना ढाबे में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। यदि फुटेज उपलब्ध है, तो उसकी जांच से घटना के क्रम, संबंधित वाहन की आवाजाही और कथित घटना में शामिल व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।

फिलहाल उपलब्ध विवरण शिकायतकर्ता के आरोपों पर आधारित है। पुलिस की जांच, CCTV फुटेज की पुष्टि और संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

ढाबा संचालक ने शिकायत आवेदन के माध्यम से संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामले में शिकायत पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई, प्राथमिकी दर्ज होने की स्थिति और CCTV फुटेज की आधिकारिक पुष्टि की जानकारी उपलब्ध होने पर घटनाक्रम के अन्य पहलू स्पष्ट हो सकेंगे।

खाने के बिल जैसे विवाद के बाद यदि किसी प्रतिष्ठान पर पेट्रोल फेंकने और कर्मचारियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के आरोप सामने आते हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। अब मामले में पुलिस की कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों पर निगाहें टिकी हैं।