केवलारी–छींदा मार्ग के सालीवाड़ा में वन विभाग की रात्रिकालीन गश्त के दौरान कार्रवाई, जांच के बाद वाहन राजसात करने पर हो सकता है विचार
Seoni, 19 October 2026
सिवनी / केवलारी यशो:- सिवनी जिले के केवलारी विकासखंड में अवैध सागौन परिवहन का मामला सामने आया है। वन विभाग की रात्रिकालीन गश्त के दौरान केवलारी–छींदा मार्ग पर सालीवाड़ा के पास सागौन की सिल्लियों से भरी एक सफेद स्कॉर्पियो जब्त की गई। कार्रवाई के दौरान वाहन चालक मौके से फरार हो गया। वन विभाग ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर उगली वन परिक्षेत्र के डिपो में खड़ा करा दिया है। मामले में जांच जारी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रात्रिकालीन गश्त में पकड़ाया वाहन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के बरघाट परियोजना मंडल, सिवनी के अंतर्गत उगली वन परिक्षेत्र की टीम रात्रिकालीन गश्त कर रही थी। इसी दौरान केवलारी–छींदा मार्ग पर सालीवाड़ा के पास सफेद रंग की स्कॉर्पियो क्रमांक MP 20 CD 4517 में सागौन की सिल्लियां ले जाते हुए वाहन को पकड़ा गया।
कार्रवाई में रेंजर शिवभान नागेश्वर, डिप्टी रेंजर संतोष बनवाले और वन विभाग के अन्य कर्मचारियों की भूमिका रही। टीम ने वाहन जब्त कर लिया, लेकिन चालक मौके से भाग निकला। अब जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि लकड़ी कहां से लाई गई थी और उसे कहां ले जाया जा रहा था।
वाहन मालिक और चालक की भूमिका की होगी जांच
वन विभाग द्वारा जब्त स्कॉर्पियो को उगली वन परिक्षेत्र के डिपो में रखा गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन किसी तिवारी नामक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत बताया जा रहा है। वाहन के पंजीकृत मालिक और कथित चालक से पूछताछ कर मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सकती है।
जांच में लकड़ी के स्रोत, परिवहन से संबंधित दस्तावेजों, वाहन के उपयोग और संभावित संलिप्तता जैसे पहलुओं की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल, वाहन मालिक या चालक की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
जांच के बाद राजसात की कार्रवाई संभव
वन संपदा का अवैध परिवहन वन कानूनों के तहत दंडनीय हो सकता है। वन विभाग मामले में वैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर संबंधित वाहन को राजसात करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी की कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगा।
वन संपदा की सुरक्षा के लिए सतत निगरानी जरूरी
सागौन कीमती इमारती लकड़ी है और इसकी अवैध कटाई तथा परिवहन से वन संपदा को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे मामलों में नियमित गश्त, संवेदनशील मार्गों पर निगरानी और लकड़ी के स्रोत की जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है।
सालीवाड़ा में स्कॉर्पियो की जब्ती के बाद अब जांच के निष्कर्षों पर नजर रहेगी। यह भी महत्वपूर्ण होगा कि वन विभाग लकड़ी के स्रोत और परिवहन से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाकर मामले में नियमानुसार कार्रवाई करे।