Mon, 19 Oct 2026 | 11:33:25 PM
Dainik Yashonnati
Breaking News Exclusive
सिवनी में आज गूंजेगा जय श्रीराम! गंगा आरती की तर्ज पर महाआरती, 51 फीट के रावण का होगा दहन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शक्ति और सामर्थ्य से सार्थक हो रहा भारत : डॉ. मोहन यादव नवरात्रि में सांवरी पुलिस की अनूठी पहल, बालिकाओं को बांटे निःशुल्क हेलमेट खेतों से बोरवेल की लीड चुराने वाले चार आरोपी गिरफ्तार, देहात पुलिस ने 1.21 लाख रुपये का माल किया जब्त कांग्रेस पदाधिकारी के कथित अपहरण और मारपीट पर भड़के नकुलनाथ, पुलिस को तीन दिन का अल्टीमेटम छिंदवाड़ा में 15 नवंबर से खुलेंगी नहरें, 72,418 हेक्टेयर में होगी रबी सिंचाई घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव और ज्योतिरादित्य सिंधिया, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई ग्वालियर हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सख्त एक्शन, सीएसपी हटाने और 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के निर्देश कान्हीवाड़ा में 80 वर्षों की परंपरा बरकरार, 25 अक्टूबर को होगा श्वांसदमा की दवा का निःशुल्क वितरण खमरिया रैय्यत में कुएं से मिला 23 वर्षीय नवविवाहिता का शव, पुलिस जांच में जुटी सिवनी में आज गूंजेगा जय श्रीराम! गंगा आरती की तर्ज पर महाआरती, 51 फीट के रावण का होगा दहन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शक्ति और सामर्थ्य से सार्थक हो रहा भारत : डॉ. मोहन यादव नवरात्रि में सांवरी पुलिस की अनूठी पहल, बालिकाओं को बांटे निःशुल्क हेलमेट खेतों से बोरवेल की लीड चुराने वाले चार आरोपी गिरफ्तार, देहात पुलिस ने 1.21 लाख रुपये का माल किया जब्त कांग्रेस पदाधिकारी के कथित अपहरण और मारपीट पर भड़के नकुलनाथ, पुलिस को तीन दिन का अल्टीमेटम छिंदवाड़ा में 15 नवंबर से खुलेंगी नहरें, 72,418 हेक्टेयर में होगी रबी सिंचाई घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव और ज्योतिरादित्य सिंधिया, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई ग्वालियर हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सख्त एक्शन, सीएसपी हटाने और 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के निर्देश कान्हीवाड़ा में 80 वर्षों की परंपरा बरकरार, 25 अक्टूबर को होगा श्वांसदमा की दवा का निःशुल्क वितरण खमरिया रैय्यत में कुएं से मिला 23 वर्षीय नवविवाहिता का शव, पुलिस जांच में जुटी

जुँआ सट्टे का कारोबार, सरकार की युवा नीति पर पड़ रहा है भारी

जुँआ सट्टे का कारोबार, सरकार की युवा नीति पर पड़ रहा है भारी
शेयर करें:
  [caption id="attachment_5802" align="aligncenter" width="755"]सट्टे का नंबर निकालने के लिये कछुएं पर तांत्रिक क्रिया का प्रयोग कर सटीक नंबर प्राप्त करने के लिये नरसिंगपुर जिले से कछुएँ की तस्करी करा कर बुलाया गया और सटोरिये इसकी मुंहमांगी कीमत देते है इसी काम के लिये कछुआ तस्कर लखनादौन लेकर आये परंतु वन विभाग द्वारा उन्हें पकड़ लिया गया । इस बात से अंदाज लगाया जा सकता है कि जिले में सट्टे का कारोबार किस तरह से चल रहा है । जिले के आदिवासी बाहुल्य विकासखंड लखनादौन मुख्यालय से जबलपुर रोड बायपास में पड़ोसी जिला नरसिंहपुर के करेली से कछुआ लेकर पहुंचे 6 लोगों को पुलिस ने धरदबोचा और उन्हे वन विभाग के हवाले कर दिया।
विन विभाग लखनादौन से मिली जानकारी अनुसार नरसिंहपुर जिले से 6 लोग कछुआ लेकर लखनादौन पहुंचे थे और जबलपुर रोड बायपास के पास उसे बेचने की फिराक में थे तभी पुलिस और वन विभाग की टीम ने दबिश देकर उन्हे पकड़ लिया। पकड़े  गये आरोपियों में आशीष पिता प्रकाशचंद श्रीवास्वत, पवन पिता नरेश सकवार, वीर सिंह पिता हल्के प्रसाद ठाकुर, अकील अहमद पिता हबीब कुरैशी, राकेश पिता हल्के प्रसाद जाटव पांचो निवासी करेली जिला नरसिंहपुर एवं शरद पिता रामप्रसाद जाटव निवासी अजनसिया गाडरवाड़ा नरसिंहपुर के नाम शामिल है।
् वन विभाग के द्वारा पकड़े गये 6 अरोपियों के विरूद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2, 9, 39, 48, 51, 52, 57 के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है उक्त कार्यवाही वन विभाग के एसडीओ गोपाल सिंह के मागदर्शन में की गई उक्त कार्यवाही में फारेस्ट गार्ड गुमास्ता, राजकुमार पटेल का विशेष योगदान रहा।
गौरतलब होगा कि अंधविश्वास के चलते वन्य जीव कछुआ जैसे अनेक प्रजातियों की तस्करी की जाती है और अंधविश्वासियों का ऐसा मानना है कि कछुआ की मदद से सट्टा का नंबर निकाला जा सकता है। इसी अंधविश्वास के चलते कछुआ के दाम लाखों रूपये में है जिसके चलते इसकी तरस्करी हो रही है और संभवत: अंधविश्वास के चलते ही नरसिंहपुर से ये 6 लोग कछुआ बेचने या अन्य उद्देश्य से लखनादौन पहुंचे थे जिसकी जानकारी लगने पर वन विभाग और पुलिस विभाग की टीम के द्वारा कार्यवाही करते हुए इन्हे कछुआ के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया गया। तंत्र विद्या पर सटोरिये करते है लाखों रूपये खर्च[/caption] सिवनी यशो:- जिले में आँनलाइन सट्टे के बड़े कारोबारियों के साथ ही जुँआ एवं सूखे नशे का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और यह सब बिना पुलिस प्रशासन के संरक्षण के संभव नहीं है । पिछले कुछ दिनों से सट्टाबाजो की जो गतिविधियाँ सार्वजनिक हो रही है उससे यह आईने की तरह साफ हो गया है कि तमाम असामाजिक, आपराधिक और अवांछनीय तत्वों की काली कमाई व गोरखधंधे को पुलिस के संरक्षण के बिना संचालित किया जाना संभव नहीं है और इस प्रकार की गतिविधियों से प्रदेश में सत्तारूढ़ शिवराज सरकार की जो बदनामी हो रही है उसे सत्तारूढ दल के लोग समझ नहीं रहे है या समझने का प्रयास नहीं कर रहे है । जिले में तेजी से आँनलाइन सट्टा और जुँआ के जो फड़ चल रहे है इसके एवज में कुछ जिम्मेदारों द्वारा जमकर कमीशनखोरी की जा रही है और ऐसा भी कहा जा सकता है कि यह कारोबार ही इनका है । इनकी कमीनशनखोरी के चक्कर में जिले का होनहार युवावर्ग बरबाद हो रहा है । ऑनलाइन सट्टा ऐप के जरिए दिखाए जा रहे सब्जबाग और प्रलोभन के चलते जिले के किशोर व युवा इस दलदल में फँसते जा रहे है। करोड़ों रुपए के इस गोरखधंधे के कुचक्र में फँसने के बाद इससे छुटकारा नहीं मिलता और किशोर और युवा पीढ़ी फिर अपराधों के चक्रव्यूह में उलझ जाती है। हालात यह हैं कि अब ऑनलाइन सट्टे में मानवीय रिश्ते बलि चढ़ रहे हैं और लोगों की जान तक जा रही है। सट्टा और जुंआ के मकडज़ाल में फंसकर अनेक परिवार बुरी तरह से बर्बाद हो गये है वहीं अनेक युवाओ ने आत्म हत्या कर ली परिवार के लोगों की हालत बिगड़ गयी है युवाओं का भविष्य चौपट हो गया है इस अनैतिक कारोबार में अनेक व्यापारियों का व्यापार चौपट होगया है । आँनलाईन सट्टे का कारोबार इतना खतरनाक तरीके से चल रहा है कि इसके माध्यम से आज जो करोड़ो का व्यापारी है वह सट्टे के चक्कर में पड़ कर दूसरे दिन सड़क पर आ जाता है । सिवनी जिले में सट्टा जुँआ जैसे अनैतिक कारोबार कथित रूप से बहुत इज्जतदार लोगों का समावेश भी है जो सटोरियों को बुरी तरह अपनी गिरफ्त में फंसाते है और उनका बुरी तरह से आर्थिक शोषण करते है । सट्टा, जुंआ, नशाखोरी जैसे अनैतिक कारोबार से जिले में ब्याजमाफियाओं का धंधा भी जोरों पर चल रहा है और ब्याजमाफिया ब्याज के रूप में कई गुना ब्याज वसूल कर शोषण कर रहे है और सटोरियों की संपत्ति हड़प रहे है ।

तंत्र विद्या पर सटोरिये करते है लाखों रूपये खर्च

सट्टे का नंबर निकालने के लिये कछुएं पर तांत्रिक क्रिया का प्रयोग कर सटीक नंबर प्राप्त करने के लिये नरसिंगपुर जिले से कछुएँ की तस्करी करा कर बुलाया गया और सटोरिये इसकी मुंहमांगी कीमत देते है इसी काम के लिये कछुआ तस्कर लखनादौन लेकर आये परंतु वन विभाग द्वारा उन्हें पकड़ लिया गया । इस बात से अंदाज लगाया जा सकता है कि जिले में सट्टे का कारोबार किस तरह से चल रहा है । जिले के आदिवासी बाहुल्य विकासखंड लखनादौन मुख्यालय से जबलपुर रोड बायपास में पड़ोसी जिला नरसिंहपुर के करेली से कछुआ लेकर पहुंचे 6 लोगों को पुलिस ने धरदबोचा और उन्हे वन विभाग के हवाले कर दिया। विन विभाग लखनादौन से मिली जानकारी अनुसार नरसिंहपुर जिले से 6 लोग कछुआ लेकर लखनादौन पहुंचे थे और जबलपुर रोड बायपास के पास उसे बेचने की फिराक में थे तभी पुलिस और वन विभाग की टीम ने दबिश देकर उन्हे पकड़ लिया। पकड़े गये आरोपियों में आशीष पिता प्रकाशचंद श्रीवास्वत, पवन पिता नरेश सकवार, वीर सिंह पिता हल्के प्रसाद ठाकुर, अकील अहमद पिता हबीब कुरैशी, राकेश पिता हल्के प्रसाद जाटव पांचो निवासी करेली जिला नरसिंहपुर एवं शरद पिता रामप्रसाद जाटव निवासी अजनसिया गाडरवाड़ा नरसिंहपुर के नाम शामिल है। ् वन विभाग के द्वारा पकड़े गये 6 अरोपियों के विरूद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2, 9, 39, 48, 51, 52, 57 के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है उक्त कार्यवाही वन विभाग के एसडीओ गोपाल सिंह के मागदर्शन में की गई उक्त कार्यवाही में फारेस्ट गार्ड गुमास्ता, राजकुमार पटेल का विशेष योगदान रहा। गौरतलब होगा कि अंधविश्वास के चलते वन्य जीव कछुआ जैसे अनेक प्रजातियों की तस्करी की जाती है और अंधविश्वासियों का ऐसा मानना है कि कछुआ की मदद से सट्टा का नंबर निकाला जा सकता है। इसी अंधविश्वास के चलते कछुआ के दाम लाखों रूपये में है जिसके चलते इसकी तरस्करी हो रही है और संभवत: अंधविश्वास के चलते ही नरसिंहपुर से ये 6 लोग कछुआ बेचने या अन्य उद्देश्य से लखनादौन पहुंचे थे जिसकी जानकारी लगने पर वन विभाग और पुलिस विभाग की टीम के द्वारा कार्यवाही करते हुए इन्हे कछुआ के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया गया।

Live

लाइव क्रिकेट Score

Live

दैनिक राशिफल Daily

ज्योतिष

जरूरी खबरें