Tue, 20 Oct 2026 | 01:27:37 AM
Dainik Yashonnati
Breaking News Exclusive
सिवनी में आज गूंजेगा जय श्रीराम! गंगा आरती की तर्ज पर महाआरती, 51 फीट के रावण का होगा दहन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शक्ति और सामर्थ्य से सार्थक हो रहा भारत : डॉ. मोहन यादव नवरात्रि में सांवरी पुलिस की अनूठी पहल, बालिकाओं को बांटे निःशुल्क हेलमेट खेतों से बोरवेल की लीड चुराने वाले चार आरोपी गिरफ्तार, देहात पुलिस ने 1.21 लाख रुपये का माल किया जब्त कांग्रेस पदाधिकारी के कथित अपहरण और मारपीट पर भड़के नकुलनाथ, पुलिस को तीन दिन का अल्टीमेटम छिंदवाड़ा में 15 नवंबर से खुलेंगी नहरें, 72,418 हेक्टेयर में होगी रबी सिंचाई घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव और ज्योतिरादित्य सिंधिया, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई ग्वालियर हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सख्त एक्शन, सीएसपी हटाने और 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के निर्देश कान्हीवाड़ा में 80 वर्षों की परंपरा बरकरार, 25 अक्टूबर को होगा श्वांसदमा की दवा का निःशुल्क वितरण खमरिया रैय्यत में कुएं से मिला 23 वर्षीय नवविवाहिता का शव, पुलिस जांच में जुटी सिवनी में आज गूंजेगा जय श्रीराम! गंगा आरती की तर्ज पर महाआरती, 51 फीट के रावण का होगा दहन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शक्ति और सामर्थ्य से सार्थक हो रहा भारत : डॉ. मोहन यादव नवरात्रि में सांवरी पुलिस की अनूठी पहल, बालिकाओं को बांटे निःशुल्क हेलमेट खेतों से बोरवेल की लीड चुराने वाले चार आरोपी गिरफ्तार, देहात पुलिस ने 1.21 लाख रुपये का माल किया जब्त कांग्रेस पदाधिकारी के कथित अपहरण और मारपीट पर भड़के नकुलनाथ, पुलिस को तीन दिन का अल्टीमेटम छिंदवाड़ा में 15 नवंबर से खुलेंगी नहरें, 72,418 हेक्टेयर में होगी रबी सिंचाई घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव और ज्योतिरादित्य सिंधिया, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई ग्वालियर हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सख्त एक्शन, सीएसपी हटाने और 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के निर्देश कान्हीवाड़ा में 80 वर्षों की परंपरा बरकरार, 25 अक्टूबर को होगा श्वांसदमा की दवा का निःशुल्क वितरण खमरिया रैय्यत में कुएं से मिला 23 वर्षीय नवविवाहिता का शव, पुलिस जांच में जुटी

सुरक्षा में इस प्रकार की चूक, कई घरों में मातम ला सकती है

Dainik Yashonnati

Dainik Yashonnati / May 14, 2024 11:23 pm / Post views : 207

सुरक्षा में इस प्रकार की चूक, कई घरों में मातम ला सकती है
शेयर करें:

विद्युत विभाग के उच्चाधिकारी अपने ही अधिनस्थ कर्मचारियों की सुरक्षा के प्रति लापरवाह

सिवनी यशो:- बेमौसम बारिश से अनेक स्थानों पर बिजली के तार टूटना, खंबे गिरना, लाईन फाल्ट होना आदि बिजली से संबंधित समस्याएँ उत्पन्न हो रही है । वहीं बिजली विभाग का कमजोर मेंटनेंश आम उपभोक्ताओं के लिये परेशानी का कारण तो बना हुआ है ही, बिजली विभाग के अधिकारी सुरक्षा के प्रति बेहद लापरवाही का परिचय दे रहे है । यह तो सर्वविदित है कि बिजली विभाग की नाकामियों की वजह से कई ग्रामों की पेयजल समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है परंतु बिजली विभाग को मानवीय आवश्यकताओं की कोई चिंता नहीं है और मनमानी कर रहे है । आम उपभोक्ताओं के साथ मनमानी करने वाले विद्युत विभाग के अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों और विभागीय ठेकेदारों के कर्मचारियों की सुरक्षा के प्रति घोर लापरवाही का परिचय दें रहे है । विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से किसी दिन कोई गंभीर दुर्घटना घट सकती है और दुर्घटना के बाद जो क्षति होगी उसकी भरपाई करना संभव नहीं होगा और जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बातों को गोलमोल तरीके से प्रस्तुत कर अपना बचाव करने में सक्षम भी हो सकते है परंतु विद्युत विभाग के अधिकारी जिस तरह के गैर जिम्मेदाराना तरीके से जिस तरह कार्य कर रहे है । उसके बहुत घातक परिणाम हो सकते है । इन अधिकारियों को मानवीय जीवन के प्रति क्या जिम्मेदारी होती है उसकी चिंता भी नहीं है, इस प्रकार की लापरवाही से यदि दुर्भाग्यवश कोई अप्रिय घटना घटती है तो उसे भले ही दुर्घटना कह दिया जाये परंतु हकीकत में यह हत्या जैसा जघंन्य अपराध ही होगा । यहाँ बता दें कि इन दिनों मौसम जिस तरह से बिगड़ रहा है और आंधी तूफान के कारण विद्युत के पोल गिरना, तार टूटना और अन्य तरह के विद्युत अवरोधों को दूर करने के लिये जिन कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है, एक तो उनमें अधिकांश आउटसोर्स के कर्मचारी होते है और उनकी सुरक्षा की भी चिंता नहीं की जाती । सोमवार को बिगड़े मौसम के कारण अनेक स्थानों पर पेड़ गिर गये थे और अनेक क्षेत्रों में विद्युत प्रवाह अवरूद्ध हो गया था । इन अवरोधो को दूर करने के लिये बिजली विभाग के पास पर्याप्त कर्मचारी नहीं थे । विभागीय अधिकारियों ने ठेकेदारों से विद्युत व्यवस्था दुरूस्त करने के लिये कर्मचारी लिये इन कर्मचारियों के साथ विद्युत विभाग के कर्मचारी भी थे परंतु वे सभी जिस तरह से काम कर रहे थे उससे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उनकी सुरक्षा की कोई चिंता विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को नहीं है । यहाँ बता दें कि बरघाट रोड में पेड़ गिरने के कारण 11 केबी की लाईन टूट कर गिर गयी थी और पूरा यातायात जाम हो गया था । बिजली विभाग के एक दो कर्मचारी ही थे शेष आउटसोर्स के कर्मचारी सुधार कार्य में लगे हुये थे । यह कार्य करते समय कर्मचारी न तो हेलमेट पहने हुये थे और न ही काम के समय उनके पास पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था थी, न हाथो में दस्ताने । मोबाईल के प्रकाश में कर्मचारी पेड़ हटा रहे थे और बिजली का तार समेट कर पुन: कनेक्शन करने की कोशिश कर रहे थे । निरंतर आवागमन वाले इस मार्ग में दुपहिया चौपाहिया वाहन वाले अपने गंतव्य की ओर जाने के लिये जबरदस्ती भी कर रहे थे । मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी भी नहीं थे जो पुलिस के बैरीकेट लगाकर शांति पूर्वक सुधार करने लिये अनुकूलता बनाते । इस प्रकार के असुरक्षित माहौल में काम करते हुय किसी कर्मचारी के साथ कोई गंभीर दुर्घटना घट जाये तो अधिकारी तो यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लेंगे कि हमने सुरक्षा के सभी सामान कर्मचारियों को दिये है परंतु चिंता इस बात की भी होना चाहिये कि काम के समय वे उन सुरक्षा सामानों का उपयोग कर रहे है या नहीं। विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों एवं जिला प्रशासन को मानव जीवन से जुड़ी इस प्रकार की गंभीर लापरवाही के लिये जिम्मेदार विभागीय अमले पर कार्यवाही सुनिश्चत करना चाहिये ।

Live

लाइव क्रिकेट Score

Live

दैनिक राशिफल Daily

ज्योतिष

जरूरी खबरें