न्यायालय परिसर के मुख्य मार्ग पर ‘धमाचौकड़ी’
न्यायालय परिसर के मुख्य मार्ग पर ‘धमाचौकड़ी’
पूरक पोषण आहार वाहनों की अव्यवस्था से यातायात बाधित, परियोजना अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल
मंडला/बिछिया यशो :- स्थानीय न्यायालय परिसर स्थित महिला बाल विकास परियोजना कार्यालय इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है। ताजा मामला न्यायालय के मुख्य मार्ग पर पूरक पोषण आहार के वाहनों को अनियंत्रित रूप से खड़ा करने और वहां मची अफरा-तफरी से जुड़ा है, जिससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है बल्कि न्यायिक कार्यों से जुड़े लोगों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

मुख्य मार्ग को बना दिया गया लोडिंग ज़ोन
प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला बाल विकास परियोजना बिछिया द्वारा आंगनबाड़ियों में वितरित होने वाले पूरक पोषण आहार के परिवहन हेतु बड़ी गाड़ियों को सीधे न्यायालय के मुख्य द्वार एवं मार्ग पर खड़ा किया जा रहा है।
परियोजना अधिकारी की मौजूदगी अथवा उनके निर्देशों के बावजूद, सरेराह सामान की लोडिंग-अनलोडिंग और वहां मची ‘धमाचौकड़ी’ ने आम राहगीरों, अधिवक्ताओं और पक्षकारों के लिए निकलना दूभर कर दिया है।
न्यायिक गरिमा और सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न
चूंकि यह क्षेत्र न्यायालय परिसर का हिस्सा है, जहां शांति, अनुशासन और सुगम आवागमन अनिवार्य होता है, ऐसे में इस तरह की अव्यवस्था न्यायिक गरिमा और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।
- यातायात बाधित: मुख्य मार्ग पर भारी वाहन खड़े होने से अधिवक्ताओं, पक्षकारों और पुलिस वाहनों को निकलने में घंटों मशक्कत करनी पड़ती है।
- प्रशासनिक लापरवाही: वैकल्पिक स्थान उपलब्ध होने के बावजूद मुख्य मार्ग पर लोडिंग-अनलोडिंग कराना परियोजना अधिकारी की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
- आमजन को परेशानी: भारी वाहनों के जमावड़े और मजदूरों की आवाजाही से पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहता है।
कार्यवाही की उठ रही मांग
स्थानीय अधिवक्ताओं और आम नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि न्यायालय परिसर की गरिमा बनाए रखने के लिए इस अव्यवस्था पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा पूरक पोषण आहार के परिवहन हेतु कोई वैकल्पिक और उपयुक्त स्थान निर्धारित किया जाए।



