धान पंजीयन की तारीख बढ़ाने सक्रिय हुए कमल मर्सकोले
मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल से भोपाल में मिले बरघाट विधायक, तकनीकी समस्याओं से कराया अवगत; 25 अक्टूबर तक पंजीयन बढ़ाने का आग्रह
धान पंजीयन की तारीख 25 अक्टूबर तक बढ़ाने की मांग, कमल मर्सकोले ने मुख्य सचिव से की मुलाकात
सिवनी/भोपाल। समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीयन कराने में किसानों को आ रही तकनीकी परेशानियों को लेकर बरघाट विधायक कमल मर्सकोले ने किसानों की आवाज शासन तक पहुंचाई है। गुरुवार को विधायक मर्सकोले ने मंत्रालय, वल्लभ भवन भोपाल में मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल से भेंट कर धान खरीदी पंजीयन में आ रही तकनीकी समस्याओं से अवगत कराया और किसानों के हित में पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया।

विधायक मर्सकोले ने मुख्य सचिव को बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। लेकिन समय पर गिरदावली नहीं होने और पोर्टल पर लगातार आ रही तकनीकी समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में किसान अपना पंजीयन नहीं करा पा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कई किसानों की गिरदावली एवं फार्मर आईडी पूर्ण होने के बाद भी पोर्टल पर खसरे प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं। वहीं संयुक्त खातों में खसरे प्रदर्शित नहीं होने जैसी समस्याओं के कारण पात्र किसान भी पंजीयन से वंचित हो रहे हैं।
पिछले वर्ष की तुलना में हजारों किसान पीछे
विधायक द्वारा शासन के समक्ष रखे गए आंकड़ों के अनुसार 8 अक्टूबर 2026 तक बरघाट तहसील में 15,153 किसानों का पंजीयन हुआ है, जबकि वर्ष 2025-26 में कुल 21,612 किसानों का पंजीयन हुआ था। इसी तरह कुरई तहसील में इस वर्ष अब तक 5,203 किसानों का पंजीयन हुआ है, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 7,339 थी।
इस तरह पिछले वर्ष के आंकड़ों की तुलना में बरघाट में करीब 70 प्रतिशत और कुरई में करीब 71 प्रतिशत पंजीयन ही हो पाए हैं। विधायक ने आशंका जताई कि यदि पंजीयन की अंतिम तिथि नहीं बढ़ाई गई तो बरघाट विधानसभा क्षेत्र के लगभग 8 से 9 हजार किसान समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीयन से वंचित रह सकते हैं।
25 अक्टूबर तक बढ़ाने की मांग
विधायक कमल मर्सकोले ने मुख्य सचिव से चर्चा के दौरान किसानों की परेशानी को देखते हुए पंजीयन की अवधि 15 दिन बढ़ाकर 25 अक्टूबर 2026 तक किए जाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी समस्याओं के कारण किसानों को पंजीयन के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में अंतिम तिथि बढ़ाना किसानों के हित में आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके और कोई पात्र किसान केवल तकनीकी समस्या के कारण समर्थन मूल्य पर धान बेचने से वंचित न हो, इसके लिए शासन स्तर पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए।
किसानों की सुविधा प्राथमिकता
मुख्य सचिव से मुलाकात के बाद विधायक कमल मर्सकोले ने कहा कि किसानों की सुविधा और उनके हितों की रक्षा उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी पंजीयन से जुड़ी समस्याओं को शासन के संज्ञान में लाया गया है और किसानों के हित में पंजीयन की अवधि बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया गया है।
विधायक की इस पहल से उन किसानों को राहत की उम्मीद जगी है, जो तकनीकी समस्याओं अथवा पंजीयन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाने के कारण समर्थन मूल्य पर अपनी धान बेचने के लिए पंजीयन नहीं करा पाए हैं।



