कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भूपेन्द्र मिश्रा ने वर्तमान समय मे मानसिक रूप से स्वास्थ्य रहने के लिए प्रतिदिन 15 मिनिट का ध्यान गहरी शारीरिक विश्रांति व सांसों के नियंत्रण की व शारिरिक क्रियाओं की कुछ टिप्स के माध्यम से भावनात्मक शुद्धि,आत्म जागरूकता सामाजिक और व्यक्तिगत संबधो में सुधार सांसों के नियंत्रण ,ध्यान क्रिया के अभ्यास से व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, और भावनात्मक स्वास्थ्य में संपूर्ण सुधार की बात कही साथ ही ये तकनीकें तनाव और चिंता को कम करने, ध्यान और स्मरण शक्ति को बढ़ाने, और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में अत्यंत सहायक हैं। आधुनिक जीवन की चुनौतियों का सामना करने और संतुलित और स्वस्थ जीवन जीने के लिए इन विधियों को अपनाना विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने कुछ अभ्यास भी कराए
उक्त कार्यक्रम के बारे नोडल अधिकारी के सी राउर ने बताया कि महाविद्यालयीन छात्र छात्राओं को अच्छे मानसिक स्वास्थ्य व स्वास्थ के प्रति जागरूक करते हुए देश के अच्छे नागरिक बनाने की पहल से उमंग उच्च शिक्षा वेलनेस प्रोगाम संचालित है जिसमें समय समय विभिन गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है पहले भी फ्री मेडिकल चेकअप के माध्यम से विद्यार्थियों के खून,एनीमिया,केल्सियम,एच बी, सुगर टेस्ट सहित शरीर को स्वस्थ रखने को लेकर कार्यक्रम अयोजित किये जा चुके है इस कार्यक्रम में महाविद्यालय से डॉ एम सी सनोडिया,डॉ प्रतिभा गुप्ता,डॉ ज्योत्सना नावकर,डॉ पवन वासनिक,डॉ सीमा मर्सकोले,डॉ रेशमा खान,डॉ श्याम राहंगडाले,प्रो के के बरमैया,डॉ पूनम अहिरवार,प्रो गणेश मंतारे,डॉ पिन्टू पटेल,डॉ टीपी सागर सहित छात्र छात्राओं व कर्मचारियों अधिकारियों की उपस्तिथि रही।