जिस प्रकार आप सभी लोगों का परिवार होता हैँ, ठीक उसी प्रकार गुस्से का भी भरा-पूरा परिवार होता हैँ। गुस्सा कभी भी अकेले नहीं आता, पूरे परिवार के साथ आता हैँ। गुस्से के परिवार के सदस्यगणगुस्सा-पति,हिंसा-पत्नी,निंदा और चुगली-लड़के-बच्चे,अहंकार-बड़ा भाई,जिद-बहन,इसलिये सभी से निवेदन हैँ कि अपने पारिवारिक, सामाजिक व व्यावसायिक जीवन को सुखमय, शांतिपूर्ण और उन्नतिपूर्ण बनाना चाहते हो, तो गुस्से के इस परिवार से यथासंभव दूरी बनाये रखें।संकलनअनुराग अग्रवालAstrologer, Numerologist & Vastu Expertजय श्रीकृष्णा