लोकायुक्त पहुंचा खमराकलां पंचायत का मामला
38 माह के वेतन भुगतान और डिजिटल हस्ताक्षर से लेन-देन में अनियमितता के आरोप
खमराकलां पंचायत में वेतन भुगतान पर सवाल, लोकायुक्त पहुंचीं जनपद अध्यक्ष
Chhindwara 14 October 2026
छिंदवाड़ा / जुन्नारदेव यशो:-। छिंदवाड़ा जिले की जनपद पंचायत जुन्नारदेव अंतर्गत ग्राम पंचायत खमराकलां में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला अब लोकायुक्त संगठन तक पहुंच गया है। स्थानांतरित पंचायत सचिव को कथित तौर पर कार्यमुक्त नहीं करने और जुलाई 2023 से लगातार वेतन भुगतान किए जाने के आरोपों के बीच जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सविता अशोक भोसाम ने 12 अक्टूबर 2026 को लोकायुक्त संगठन, विशेष पुलिस स्थापना, जबलपुर में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया और मामले से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए।
इस मामले में स्थानांतरित पंचायत सचिव को करीब 38 माह से वेतन भुगतान किए जाने तथा डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से लाखों रुपये के वित्तीय लेन-देन में अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित अभिलेखों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।
लोकायुक्त कार्यालय में बयान, दस्तावेज सौंपे
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोकायुक्त संगठन, जबलपुर संभाग के पत्र क्रमांक 4370/विपुरथा/2026 के निर्देश पर जनपद पंचायत अध्यक्ष सविता अशोक भोसाम 12 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे लोकायुक्त कार्यालय पहुंचीं। यहां उन्होंने खमराकलां पंचायत से जुड़े मामले में अपना पक्ष रखा और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए।
मामले में अब लोकायुक्त संगठन की ओर से की जाने वाली आगामी कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं। जांच के दौरान दस्तावेजों और आरोपों की पड़ताल से वित्तीय लेन-देन तथा जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।
तबादले के बाद भी खमराकलां में पदस्थ रहने का आरोप
शिकायत के अनुसार, पंचायत सचिव पुष्प कुमार विश्वकर्मा का स्थानांतरण उच्च न्यायालय एवं जिला पंचायत छिंदवाड़ा से संबंधित आदेशों के आधार पर जनपद पंचायत परासिया की ग्राम पंचायत रावनवाड़ा के लिए किया गया था। आरोप है कि स्थानांतरण के बावजूद उन्हें खमराकलां पंचायत से कार्यमुक्त नहीं किया गया और वे वहीं कार्य करते रहे।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जुलाई 2023 से लगातार वेतन का भुगतान किया जाता रहा, जबकि उनके स्थानांतरण के बाद कार्यमुक्ति और वेतन भुगतान की वैधानिक स्थिति की जांच आवश्यक है। इस अवधि को शिकायतकर्ता ने लगभग 38 माह बताया है।
डिजिटल हस्ताक्षर से हुए लेन-देन की जांच की मांग
खमराकलां पंचायत के मामले में डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से लाखों रुपये के वित्तीय लेन-देन में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया गया है। शिकायत में संबंधित भुगतान, पंचायत के वित्तीय अभिलेखों और डिजिटल हस्ताक्षर के उपयोग की जांच की मांग की गई है।
इन आरोपों के मद्देनजर यह जांच महत्वपूर्ण होगी कि भुगतान किस प्रक्रिया के तहत किए गए, संबंधित आदेशों का पालन हुआ या नहीं और वित्तीय लेन-देन में किन अधिकारियों अथवा कर्मचारियों की भूमिका रही।
जनपद अध्यक्ष बोलीं—शासकीय धन के मामले में जवाबदेही तय हो
लोकायुक्त कार्यालय में बयान दर्ज कराने के बाद जनपद पंचायत अध्यक्ष सविता अशोक भोसाम ने आरोप लगाया कि मामले में नियमों की अनदेखी कर शासकीय धन का आहरण किया गया है। उन्होंने जनपद पंचायत जुन्नारदेव की प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रश्मि चौहान तथा स्थानांतरित सचिव पुष्प कुमार की कथित भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले में शामिल जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने लोकायुक्त के समक्ष दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं और उन्हें उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच के बाद जिम्मेदारी तय होगी।
अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर निगाहें
खमराकलां पंचायत से जुड़ा यह मामला अब कई अहम सवाल खड़े कर रहा है। यदि स्थानांतरण आदेश के बाद भी सचिव को कार्यमुक्त नहीं किया गया और वेतन भुगतान जारी रहा, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच जरूरी होगी। इसी तरह डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से किए गए कथित वित्तीय लेन-देन की भी अभिलेखों के आधार पर पड़ताल की आवश्यकता है।
फिलहाल आरोपों पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का पक्ष सामने आना बाकी है। लोकायुक्त संगठन की जांच तथा पंचायत सचिव की कार्यमुक्ति को लेकर प्रशासन की अगली कार्रवाई से ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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