मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबंधित कफ सिरप प्रकरण में किसी दोषी को नहीं छोड़ेगी : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
नागपुर पहुंचे मुख्यमंत्री ने प्रभावित बच्चों से मुलाकात कर जाना स्वास्थ्य, कहा – बच्चों का सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित किया जाएगा

भोपाल/छिन्दवाड़ा/नागपुर, 9 अक्टूबर 2025।
छिंदवाड़ा यशो :- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रतिबंधित कफ सिरप से बच्चों की मृत्यु के इस दर्दनाक प्रकरण में मध्यप्रदेश सरकार किसी भी दोषी को नहीं छोड़ेगी। तमिलनाडु की दवा कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और आगे भी मानवीय एवं प्रशासनिक दोनों स्तरों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को नागपुर स्थित एम्स, शासकीय मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (जीएमसी) और न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल पहुंचे, जहाँ छिंदवाड़ा और बैतूल जिले के किडनी संक्रमण से पीड़ित बच्चों का उपचार चल रहा है। उन्होंने बच्चों का हालचाल जाना, परिजनों से भेंट की और चिकित्सकों को निर्देश दिए कि बच्चों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लगातार बच्चों की चिकित्सा और स्वास्थ्य लाभ की जानकारी प्राप्त कर रही है। छिंदवाड़ा और बैतूल के कलेक्टर भी प्रभावित परिवारों से सतत संपर्क बनाए हुए हैं और आवश्यक सहायता सुनिश्चित कर रहे हैं। इस दौरान उनके साथ छिंदवाड़ा सांसद श्री विवेक बंटी साहू, बैतूल विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
तमिलनाडु सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा – मुख्यमंत्री
मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तमिलनाडु में निर्मित दवा के उपयोग से ही बच्चों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। मध्यप्रदेश पुलिस ने दोषियों की गिरफ्तारी की है, किंतु तमिलनाडु सरकार की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वहां के ड्रग कंट्रोलर को संबंधित दवा कंपनी की नियमानुसार जांच करनी चाहिए थी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने रैंडम सैंपल लेकर आवश्यक जांच करवाई है, जिसके बाद छिंदवाड़ा के चिकित्सक, दोषी अधिकारियों का निलंबन किया गया तथा राज्य ड्रग कंट्रोलर को भी हटाया गया।
उन्होंने कहा कि जिन चिकित्सकों ने इस कंपनी की प्रतिबंधित दवा लगातार रोगियों को लिखी है, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जा रही है।
“मध्यप्रदेश पीड़ित पक्ष है, किसी के खिलाफ कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे”
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस प्रकरण में मध्यप्रदेश के बच्चे और उनके परिवार पीड़ित पक्ष हैं। हमारी सरकार किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतेगी।
उन्होंने सवाल उठाया कि “आखिर बिना जांच के इस कंपनी को लाइसेंस कैसे नवीनीकृत किया गया? इतनी छोटी जगह पर फैक्ट्री कैसे संचालित हो रही थी?”
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति स्थल पर जाकर इसका अवलोकन कर सकता है — इससे स्पष्ट है कि लाइसेंस प्रक्रिया में गंभीर त्रुटियाँ हुई हैं।
उन्होंने दोहराया कि जैसे ही तमिलनाडु सरकार की रिपोर्ट आई, वैसे ही मध्यप्रदेश सरकार ने तत्काल इस कफ सिरप पर प्रतिबंध लगाया और कंपनी मालिक की गिरफ्तारी करवाई। आगे भी दोषियों पर कार्रवाई बिना किसी दबाव के जारी रहेगी।
🔹 मुख्य बिंदु (Key Highlights):
मुख्यमंत्री ने नागपुर के तीन अस्पतालों में प्रभावित बच्चों का हालचाल लिया।
कहा – “बच्चों का सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।”
तमिलनाडु की दवा कंपनी के जिम्मेदार गिरफ्तार, ड्रग कंट्रोलर हटाया गया।
चिकित्सकों और संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई जारी।
“मध्यप्रदेश पीड़ित पक्ष है, दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा।”



