गंगा आरती की तर्ज पर होगी महाआरती, इंदौर के 20 कलाकार करेंगे कृष्णलीला का मंचन; बरघाट, केवलारी और लखनादौन में भी जलेगा रावणसिवनी यशो:- शारदेय नवरात्र के नौ दिवसीय पर्व के समापन के साथ ही जिले में माता रानी की विदाई का सिलसिला शुरू हो गया है। दुर्गा पंडालों और देवी मंदिरों में हवन-पूजन, महाआरती, कन्याभोज और भंडारों के आयोजन हुए। घाटों और तालाबों में ज्योति कलशों तथा जवारों का विसर्जन किया गया। मंगलवार, 20 अक्टूबर को दशहरा पर्व पर सिवनी सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रावण दहन के आयोजन होंगे। वहीं दुर्गा प्रतिमाओं के चल समारोह को लेकर शहर से गांवों तक उत्साह का माहौल है।सिवनी में 51 फीट के रावण का होगा दहन, गंगा आरती की तर्ज पर महाआरतीसिवनी के मिशन स्कूल मैदान में श्री रामदल समिति द्वारा दशहरा पर्व पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। शाम 6:30 बजे से शुरू होने वाले कार्यक्रम में रंग-बिरंगी आकाशीय आतिशबाजी के बीच भगवान श्रीराम के अग्निबाण से बुराई के प्रतीक 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा। इस अवसर पर इंदौर के 20 कलाकारों द्वारा नृत्य नाटिका के माध्यम से कृष्णलीला का मंचन किया जाएगा।श्री रामदल समिति के आयोजन में इस बार बनारस की गंगा आरती की तर्ज पर महाआरती विशेष आकर्षण रहेगी। आयोजन के दौरान दीप प्रज्ज्वलन और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से विजयादशमी का पर्व उत्साह के साथ मनाया जाएगा।कार्यक्रम में पूर्व विधायक दिनेश राय मुनमुन, नगर पालिका अध्यक्ष राजकुमार खुराना, कलेक्टर नेहा मीना, पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति प्रस्तावित है।बरघाट, केवलारी और लखनादौन में भी जलेगा रावणदशहरा पर्व पर जिले के अन्य प्रमुख नगरों में भी रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बरघाट, केवलारी और लखनादौन सहित कई स्थानों पर विजयादशमी के अवसर पर बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक रावण दहन होगा।लखनादौन के मेन मार्केट चौराहे पर लगभग 15 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। रावण दहन समिति, लखनादौन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में आतिशबाजी भी की जाएगी।केवलारी में श्री हनुमान मंदिर समिति द्वारा स्थानीय बड़े मैदान में रावण दहन का आयोजन किया गया है। यहां लगभग 15 फीट ऊंचे रावण के पुतले का आतिशबाजी के बीच दहन होगा। इस अवसर पर देवी जागरण और भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।जिले के विभिन्न क्षेत्रों में दशहरा पर्व को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। धार्मिक आयोजनों, आतिशबाजी और रावण दहन के माध्यम से लोग विजयादशमी का उत्सव मनाएंगे।ज्योति कलशों और जवारों का विसर्जननवमी पूजन के बाद सिवनी शहर के विभिन्न देवी मंदिरों में स्थापित ज्योति कलशों और जवारों के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया है। भैरोगंज स्थित काली मंदिर, महामाया मंदिर, सिंधी कॉलोनी के शिवशक्ति मंदिर, दुर्गा चौक स्थित माता राजराजेश्वरी मंदिर, काली चौक के काली मंदिर, माता दिवाला मंदिर, परतापुर स्थित ज्वालादेवी मंदिर और कटंगी रोड स्थित माता महाकाली मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्राएं निकाली गईं।धूमा, आदेगांव, छपारा, लखनादौन, बरघाट, धारनाकलां, घंसौर, कान्हीवाड़ा, केवलारी, धनौरा और कलबोड़ी सहित जिले के अनेक क्षेत्रों में भी जवारों की शोभायात्राएं निकाली गईं। देवी गीतों, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए।ईश्वर नगर में भंडारे का आयोजनशहर के ईश्वर नगर में दुर्गा उत्सव समिति द्वारा पिछले 15 वर्षों से शारदेय नवरात्र में माता रानी की आराधना की जा रही है। इस वर्ष भी समिति ने सहस्रार्चन, जस गायन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और छप्पन भोग सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन किए।सोमवार को नवमी तिथि पर हवन-पूजन किया गया। जवारों के विसर्जन के बाद आयोजित भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया।आदेगांव में बुधवार को निकलेगा चल समारोहआदेगांव में सोमवार को विभिन्न दुर्गा पंडालों में हवन-पूजन और कन्याभोज के आयोजन किए गए। बुधवारी चौक, गंज वार्ड, प्रेमनगर, बजरंग वार्ड, श्रीखेरापति मंदिर, बूढ़ी माता मंदिर, साहू मोहल्ला, विद्युत कॉलोनी और बस स्टैंड सहित अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने माता रानी की पूजा-अर्चना की।नवमी पूजन के बाद मंदिरों और घरों में स्थापित कलशों एवं जवारों का गढ़ी तालाब में विसर्जन किया गया। आदेगांव में मंगलवार, 20 अक्टूबर को दशहरा पर्व मनाया जाएगा, जबकि बुधवार, 21 अक्टूबर को दिन में दुर्गा प्रतिमाओं का चल समारोह निकलेगा। बुधवार की रात्रि में गंज क्षेत्र में माता रानी के जागरण का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।दशहरा और प्रतिमा विसर्जन की तैयारियों के तहत नगरीय प्रशासन द्वारा निर्धारित विसर्जन स्थलों तथा नगर में साफ-सफाई कराई गई है। जिलेभर में विजयादशमी और माता रानी की विदाई को लेकर उत्साह का वातावरण बना हुआ है।