शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, पर्यावरण और रोजगार को गति देना प्राथमिकता; प्रधानमंत्री मोदी के उत्तराखंड विजन को साकार करने का लिया संकल्पदेहरादून/सिवनी यशो:- मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नेता डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ ग्रहण कर अपनी नई संवैधानिक जिम्मेदारी संभाली। देहरादून स्थित लोक भवन में सुबह 11 बजे आयोजित समारोह में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद डॉ. बिसेन ने देवभूमि उत्तराखंड की सेवा को अपना सौभाग्य बताते हुए राज्य के विकास, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।समारोह के प्रारंभ में मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने राष्ट्रपति द्वारा जारी राज्यपाल की नियुक्ति संबंधी अधिपत्र का वाचन किया। इसके बाद डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने शपथ ली। कार्यक्रम का शुभारंभ और समापन राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ तथा राष्ट्रगान के साथ हुआ। शपथ ग्रहण के उपरांत राज्यपाल ने उत्तराखंड पुलिस द्वारा प्रस्तुत गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया।‘देवभूमि की सेवा का अवसर मिलना मेरे लिए सौभाग्य’मीडिया से चर्चा करते हुए राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने कहा कि वह देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरती और यहां की जनता को हृदय से नमन करते हैं। उन्होंने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का अवसर प्रदान करने के लिए देश के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं का प्रमुख केंद्र है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे पवित्र चार धामों के साथ आदि कैलाश और जागेश्वर धाम इस भूमि की आध्यात्मिक पहचान को विशिष्ट बनाते हैं। अपने अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन स्थलों के कारण उत्तराखंड विश्वभर में प्रसिद्ध है।वीरभूमि उत्तराखंड की शक्ति हैं युवा, किसान और मातृशक्तिडॉ. बिसेन ने उत्तराखंड को देवभूमि के साथ वीरभूमि बताते हुए कहा कि यहां के लोगों का देश की सुरक्षा और राष्ट्रसेवा में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रदेश की मातृशक्ति सशक्त एवं प्रेरणादायी है। यहां के युवा, किसान और समाज के विभिन्न वर्ग अपनी मेहनत, साहस और समर्पण के लिए पहचाने जाते हैं।उन्होंने कहा कि यही सामर्थ्य उत्तराखंड को विकास के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और मानवीय संपदा का बेहतर उपयोग करते हुए विकास की गति को निरंतर आगे बढ़ाना आवश्यक है।प्रधानमंत्री मोदी के विजन को साकार करने पर जोरराज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड के विकास संबंधी विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने बाबा केदार के प्रांगण से कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा।उन्होंने कहा कि इस दृष्टि को साकार करने के लिए प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की आवश्यकता है। राज्य की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों, सांस्कृतिक विरासत और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए विकास की संभावनाओं को आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा।संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और जनकल्याण सर्वोच्च प्राथमिकताडॉ. ढाल सिंह बिसेन ने राज्यपाल के रूप में अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करते हुए कहा कि संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना और पद की गरिमा बनाए रखना उनकी सर्वोच्च जिम्मेदारियों में शामिल है।उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने के लिए राज्य सरकार तथा जनता के साथ मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि देवभूमि की शांति, सुरक्षा और समृद्धि ही उनका परम ध्येय रहेगा।राज्यपाल के इस वक्तव्य में संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन के साथ-साथ उत्तराखंड की विकास यात्रा में सहयोग और जनहित के विषयों को प्राथमिकता देने का संकल्प सामने आया।मुख्यमंत्री धामी सहित अनेक प्रमुख हस्तियां रहीं उपस्थितशपथ ग्रहण समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, तीरथ सिंह रावत और विजय बहुगुणा उपस्थित रहे।समारोह में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, गणेश जोशी, खजान दास और मदन कौशिक सहित सांसद राज्यलक्ष्मी शाह, महेंद्र भट्ट और नरेश बंसल भी मौजूद रहे। पूर्व कैबिनेट मंत्री अमृता रावत तथा विधायक प्रेमचंद अग्रवाल और सविता कपूर ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।इसके अतिरिक्त योग गुरु स्वामी रामदेव, परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के प्रमुख स्वामी चिदानंद महाराज, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, राज्यपाल के सचिव रविनाथ रामन, अपर सचिव रीना जोशी और उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के.के. शुक्ल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने किया।मध्य प्रदेश से उत्तराखंड तक नई संवैधानिक पारीडॉ. ढाल सिंह बिसेन की राज्यपाल पद पर नियुक्ति मध्य प्रदेश और विशेष रूप से सिवनी जिले के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अब उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में उनका दायित्व संविधान के अनुरूप कार्य करना, राज्य की संवैधानिक व्यवस्था की गरिमा बनाए रखना और जनकल्याण से जुड़े विषयों में अपनी भूमिका निभाना होगा।शपथ ग्रहण के अवसर पर व्यक्त उनके विचारों में उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, वीर परंपरा, विकास की आकांक्षा और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता प्रमुखता से सामने आई। अब उनके कार्यकाल में इन प्राथमिकताओं को किस प्रकार आगे बढ़ाया जाता है, इस पर प्रदेश की जनता की निगाहें रहेंगी।