इंडिया केम-2026 में मध्यप्रदेश के निवेश अवसरों को किया रेखांकित, तामोट और बिलोवा में विकसित प्लास्टिक पार्क से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मुंबई/भोपाल यशो :- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत के पास प्रतिभा, विशाल घरेलू बाजार, मजबूत विनिर्माण क्षमता और निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। नवाचार, आधुनिक तकनीक और वैश्विक साझेदारी के माध्यम से रसायन एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। तीन दिवसीय इंडिया केम-2026 सम्मेलन से इस क्षेत्र में नए निवेश और औद्योगिक सहयोग के अवसर सामने आएंगे।
गुरुवार, 22 अक्टूबर को मुंबई के बॉम्बे एग्जिबिशन सेंटर में आयोजित इंडिया केम-2026 के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार की संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रसायन एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में लगभग एक लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है। मध्यप्रदेश का बीना क्षेत्र पेट्रोकेमिकल उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।
बीना में 50 हजार करोड़ की परियोजना से बढ़ेंगी औद्योगिक संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि बीना में 50 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल परियोजना से प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। पेट्रोकेमिकल क्षेत्र से जुड़े सहायक उद्योगों के विकास के साथ उत्पादन, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी तैयार हो सकते हैं।
उन्होंने छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए रायसेन जिले के तामोट में 121 एकड़ तथा ग्वालियर के बिलोवा में 93 एकड़ क्षेत्र में विकसित अत्याधुनिक प्लास्टिक पार्कों का भी उल्लेख किया। इन औद्योगिक सुविधाओं का उद्देश्य प्लास्टिक आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देना और विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार करना है।
टेक्सटाइल और गैस क्षेत्र में भी निवेश की संभावनाएं
डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क से मध्यप्रदेश को टेक्सटाइल क्षेत्र में विशेष पहचान मिल रही है। वहीं, विजयपुर में गेल का आधुनिक गैस प्रसंस्करण ढांचा और सीहोर में गेल की पेट्रोकेमिकल परियोजना प्रदेश में औद्योगिक विकास तथा रोजगार की नई संभावनाएं खोल रही हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद लगभग 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की दिशा में प्रगति हुई है। राज्य सरकार उद्योगों के लिए बिजली, पानी, भूमि, प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं और निवेश-अनुकूल नीतियां उपलब्ध कराने पर काम कर रही है।
वर्ष 2040 तक एक ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास और सुरक्षा को नई दिशा मिली है। मध्यप्रदेश का लक्ष्य राज्य को निवेश, उत्पादन और रोजगार का प्रमुख केंद्र बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2040 तक देश के केमिकल एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र को एक ट्रिलियन डॉलर का उद्योग बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में मध्यप्रदेश पूरी प्रतिबद्धता के साथ योगदान देगा।
इंडिया केम-2026 में देश-विदेश के उद्योगपतियों, निवेशकों, विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं के बीच रसायन एवं पेट्रोकेमिकल उद्योग की संभावनाओं, आधुनिक तकनीक, औद्योगिक अधोसंरचना और वैश्विक साझेदारी पर विचार-विमर्श हो रहा है। यह आयोजन मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों को उद्योग जगत के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण मंच है।