जानकारी के अनुसार दक्षिण सामान्य वनमंडल के खवासा वन परिक्षेत्र के पिंडरई बीट के बावली टोला गांव के खेत में बुजुर्ग तुलसीराम भलावी (70) पर गुरूवार शाम लगभग 5 बजे बाघ ने हमला कर मार डाला। इस घटना से ग्रामीण आक्रोशित होगये और उन्होंने घटना की जाँच करने पहुँचे वन विभाग के अमले पर हमला कर दिया जिसमें खवासा रेंजर घनश्याम चतुर्वेदी, डिप्टी रेंजर संजय खूंटापल्ले सहित अन्य घायल हो गये लाठी-डंडों से हमला होने पर वन अधिकारियों ने घटनास्थल से भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। इस बीच रेंजर चतुर्वेदी, डिप्टी रेंजर खूंटापल्ले इत्यादि को लाठी-डंडों की मार से गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें उपचार के कुरई अस्पताल लाया गया है।
वहीं घटनास्थल पर पहुंचे कुरई थाने के डायल 100, खवासा रेंजर और कुरई तहसीलदार के वाहनों में तोडफ़ोड़ करते आक्रोषित ग्रामीणों की भीड़ ने गाड़ी के कांच तोड़ दिए हैं।
इस मामले में कुरई थाना पुलिस द्वारा घायल अधिकारी- कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर अज्ञात हमलावर भीड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की है और अज्ञात हमलावारों की तलाश की जा रही है ।
सिवनी उपवनमंडल अधिकारी योगेश पटेल ने बताया कि बावली टोला गांव से लगे पिंडरई बीट के कक्ष क्रमांक 362 में मृतक तुलसीराम भलावी का शव मिला है।
भीड़ के हमलावर होने से घटनास्थल में भगदड़ मच गई। 17 जनवरी शुक्रवार सुबह बाघ के हमले में मृत व्यक्ति के शव का पोस्टमार्टम कराया गया ।
कुरई थाना प्रभारी लक्ष्मण झारिया ने बताया कि वन अधिकारियों पर हमले के मामले में एफआईआर दर्ज करने की हैं ।
गौरतलब है कि बालाघाट-सिवनी सीमा में खवासा वन परिक्षेत्र के सिल्लारी गांव में 22 दिसंबर को खेत में काम करने पहुंचे बालाघाट के एक किसान सुखराम उइके (55) पर हमला कर बाघ ने मार डाला था।
इससे पहले 19 अक्टूबर को खवासा वन परिक्षेत्र के चिखली गांव निवासी आदित्य पुत्र यादोराव चावरे (22) पर बाघ ने हमला कर मार डाला था। जबकि 29 नवंबर को पेंच टाइगर रिजर्व के रूखड़ बफर में बावनथड़ी गांव के जंगल में 20 वर्षीय युवक कृष्ण कुमार भलावी को बाघ ने हमला कर मार डाला था। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बाघ की उपस्थिती से दहशत व्यापत है और ग्रामीण वन विभाग से मांग करते रहे है कि बाघ की लोकेशन ट्रेश कर उसे जंगल की ओर खदेड़ दिया जाये परंतु वन विभाग आश्वासन देते रहे और ठोस कार्यवाही नहीं होने लगातार दुखद घटनाएँ घटित होने एवं दहशत बनी रहने से ग्रामीण परेशान हो रहे थे ।