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डेम लबालब, नहर टूटी: पापड़ा तालाब का पानी नदी में बहा, बरूल-बारगी के किसान बेहाल

Dainik Yashonnati

Dainik Yashonnati / Dec 31, 2025 12:01 am / Post views : 262

डेम लबालब, नहर टूटी: पापड़ा तालाब का पानी नदी में बहा, बरूल-बारगी के किसान बेहाल
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6 साल पहले बना डेम, फिर भी किसान सिंचाई को तरस रहे

Chhindwara 30 December 2025
हर्रई यशो:- पापड़ा डेम नहर क्षतिग्रस्त होने से हर्रई विकासखंड के ग्राम बरूल, बारगी सहित आसपास के गांवों के किसानों पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सिंचाई के लिए बना पापड़ा डेम पर्याप्त पानी से भरा होने के बावजूद नहर टूटने के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है और बहकर शक्कर नदी में जा रहा है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

[caption id="attachment_39503" align="alignleft" width="226"]पापड़ा डेम की क्षतिग्रस्त नहर से बहता सिंचाई का पानी, किसान संकट में पापड़ा डेम की टूटी नहर, खेतों तक पहुंचने के बजाय नदी में बहता पानी[/caption]

पापड़ा तालाब से निकली नहर, जो वर्षों से किसानों के खेतों तक जीवनरेखा बनी हुई थी, बीते 3–4 महीनों से पूरी तरह क्षतिग्रस्त पड़ी है। नहर में बनी पुलिया के टूट जाने से पूरा पानी नाले के रास्ते नीचे बहकर शक्कर नदी में मिल रहा है, जबकि किसान खेतों में फसल के लिए पानी को तरस रहे हैं।

नहर टूटी, किसानों की खेती पर संकट

ग्रामीणों का कहना है कि—

  • इसी नहर के माध्यम से वे खेतों में सिंचाई करते थे

  • कृषि ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है

  • पानी न मिलने से रबी फसल पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है

यदि जल्द नहर का पुनर्निर्माण या मरम्मत कार्य नहीं कराया गया, तो किसानों के भरण-पोषण पर सीधा संकट उत्पन्न हो जाएगा।

[caption id="attachment_39504" align="alignright" width="226"]पापड़ा डेम की क्षतिग्रस्त नहर से बहता सिंचाई का पानी, किसान संकट में पापड़ा डेम की टूटी नहर, खेतों तक पहुंचने के बजाय नदी में बहता पानी[/caption]

किसानों का कहना है कि पापड़ा डेम नहर क्षतिग्रस्त होने की शिकायत वे पिछले कई वर्षों से कर रहे हैं, लेकिन जल संसाधन विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

 जल संसाधन विभाग पर लापरवाही के आरोप

ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि—

  • वर्षों से लगातार आवेदन और शिकायतें दी जा रही हैं

  • इसके बावजूद नहर पुलिया की मरम्मत नहीं कराई गई

  • विभागीय उदासीनता के कारण सिंचाई जल व्यर्थ बहाया जा रहा है

ग्रामीणों को आशंका है कि कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से पानी जानबूझकर नाले में बहाया जा रहा है, जिससे दूरस्थ ग्रामों में अन्य उपयोगों के लिए जल सप्लाई की जा सके।

“डेम किसानों के लिए बना था, फिर पानी क्यों नहीं?”

किसानों का सवाल है कि—

“जब पापड़ा डेम किसानों की सिंचाई के लिए बनाया गया था, तो फिर पानी खेतों तक क्यों नहीं पहुंच रहा?”

डेम में आज भी पर्याप्त जल संग्रहण मौजूद है, इसके बावजूद नहर तंत्र की उपेक्षा से पूरा उद्देश्य ही विफल होता नजर आ रहा है।

[caption id="attachment_39502" align="alignleft" width="226"]पापड़ा डेम की क्षतिग्रस्त नहर से बहता सिंचाई का पानी, किसान संकट में पापड़ा डेम की टूटी नहर, खेतों तक पहुंचने के बजाय नदी में बहता पानी[/caption]

 विधायक को सौंपा गया ज्ञापन

ग्राम बरूल के किसानों ने विधानसभा क्षेत्र अमरवाड़ा के विधायक को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि—

  • पापड़ा तालाब से निकली नहर का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए

  • टूटी पुलिया की आपात मरम्मत की जाए

  • दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई हो

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

 आंदोलन की चेतावनी

किसानों का कहना है कि—

  • बीते 5 वर्षों से सैकड़ों किसान लगातार गुहार लगा रहे हैं

  • हर वर्ष आश्वासन मिलता है, काम नहीं

  • अब किसान आर-पार के आंदोलन की तैयारी में हैं

पापड़ा बंधान डेम में पानी है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और नहर तंत्र की बदहाली ने किसानों को सिंचाई से वंचित कर दिया है। यदि समय रहते नहर का पुनर्निर्माण नहीं हुआ, तो यह मामला बड़े किसान आंदोलन का रूप ले सकता है।

यदि शीघ्र पापड़ा डेम नहर क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण नहीं किया गया तो किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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