यातायात विभाग इस मार्ग पर जिन जवानों को तैनात करता है उनकी उपस्थिती में भी यात्री तथा भारी वाहनों का आना जाना होता है । इस तंग मार्ग पर यातायात का इतना अधिक दबाव रहता है कि बड़े वाहनों के कारण अनेक स्थानों पर जाम की स्थिती बनती है और यात्री वाहन अपनी टाईमिंग के चक्कर में नियम कानूनों एवं मानव सुरक्षा को नजरांदाज करते हुये भागने की कोशिश में रहते है ।
स्कूलों के समय भी इस प्रकार के वाहनों का प्रवेश होता है । इसके साथ ही उस समय बहुत अधिक खतरनाक स्थिती होती है जब बरघाट रोड स्थित रेलवे का गेट बंद होता है और गेट खुलने के बाद दुपहिया चौपहिया वाहन चालको के साथ रिक्शा एवं साईकिल चालक जाम की भीड़ को चीरते हुये अपने गंतत्व की ओर जाने के लिये निकलते है और इस जाम को भारी वाहन खतरनाक बना देते है ।
वहीं इस संबंध में यातायात प्रभारी से चर्चा की गयी तो उनका कहना है कि इस प्रतिबंधित मार्ग से यात्री वाहन एवं भारी वाहन का प्रवेश प्रतिबंधित है जो इसका उल्लघंन्न करते है उन पर चालानी कार्यवाही की जाती है । हालांकि पुलिस चालानी कार्यवाही का भले ही दावा करें परंतु सुधार नहीं होना स्पष्ट कर रहा है कि इस प्रकार की चालानी कार्यवाही पर्याप्त नहीं है और यातायात विभाग की मूक सहमति से यात्री वाहनों का इस मार्ग से प्रतिबंध के बावजूद भी संचालन हो रहा है जो किसी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है ।