Chhindwara 28 August 2025छिंदवाड़ा यशो:- जिले की नदी-नालों में इन दिनों अवैध रेत उत्खनन खुलेआम जारी है। रेत माफिया दिन-रात नदियों से रेत निकालकर ट्रैक्टर और डंपरों से परिवहन कर रहे हैं। स्थिति यह है कि मानो उन्हें किसी का खौफ ही न हो। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब सत्ताधारी नेताओं के संरक्षण और खनिज विभाग की मिलीभगत से चल रहा है।
नदियाँ हो रही खोखली
अवैध रेत खनन से जिले की प्रमुख नदियाँ धीरे-धीरे खोखली होती जा रही हैं। मजदूरों को पानी के भीतर उतारकर रेत निकलवाई जाती है और बिना रोक-टोक ट्रकों व ट्रैक्टरों से सप्लाई की जाती है। प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक-डंपर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में रेत, गिट्टी और मुरम की आपूर्ति कर रहे हैं।राजस्व विभाग की कार्यवाही, भागा ट्रैक्टर चालकखनिज विभाग के अधिकारी मौन हैं, लेकिन इस बीच राजस्व विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। नायब तहसीलदार ने कन्हान नदी में अवैध उत्खनन की नपाई की। पंखा दफाई के पास ग्राम चिकटबरी में स्वराज कंपनी का नीले रंग का ट्रैक्टर रेत से ओवरलोड पकड़ा गया।रोकने पर चालक ट्रैक्टर लेकर भाग गया, लेकिन पीछा कर वार्ड क्रमांक 12 नगरी क्षेत्र में पकड़ लिया गया। रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर जुन्नारदेव थाने में खड़ा कराया गया। करीब 115 घन मीटर रेत उत्खनन का प्रकरण दर्ज कर प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंपा गया।यह भी पढ़ें :- रेत उत्खनन में अवैध रूप से लगी मशीनों को तत्काल जप्त किया जाए – मुख्यमंत्री डॉ. यादव
खनिज विभाग की भूमिका पर सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि खनिज विभाग के अधिकारी और निरीक्षक AC ऑफिस में बैठे रहते हैं, जबकि जिले में अवैध उत्खनन जोरों पर है। शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होती, जिससे स्पष्ट है कि रेत माफिया और विभाग के बीच मिलीभगत है।