23 वर्षों में स्कूल शिक्षा विभाग के बजट में करीब 95 गुना वृद्धि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गिनाईं शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियां; 400 नए सांदीपनि विद्यालय भवनों का होगा निर्माण
भोपाल यशो :- मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग का बजट पिछले 23 वर्षों में लगभग 400 करोड़ रुपये से बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित स्कूल शिक्षा विभाग के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में यह जानकारी दी। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना विकास, विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, सरकारी भर्तियों और कर्मचारियों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए स्कूलों में आधुनिक प्रयोगशालाओं, खेल गतिविधियों और उच्च गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2002-03 में स्कूल शिक्षा विभाग का बजट लगभग 400 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह वृद्धि स्कूली शिक्षा के लिए उपलब्ध कराए जा रहे वित्तीय संसाधनों के विस्तार को दर्शाती है।
400 करोड़ से 38 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचा बजट
मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2002-03 से वर्तमान समय तक स्कूल शिक्षा विभाग के बजट में लगभग 95 गुना वृद्धि हुई है। शुरुआती दौर में करीब 400 करोड़ रुपये के बजट की तुलना में अब 38 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान शिक्षा क्षेत्र के व्यापक वित्तीय आकार को दर्शाता है।
सरकार का जोर विद्यालयों की अधोसंरचना को मजबूत करने, विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और स्कूलों में पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने पर है। हालांकि, बजट में वृद्धि के साथ-साथ उसके उपयोग और विद्यार्थियों के शैक्षणिक परिणामों में आने वाले सुधार का आकलन भी महत्वपूर्ण है।
प्रदेश में बनाए जाएंगे सांदीपनि विद्यालयों के 400 नए भवन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 369 सांदीपनि विद्यालय संचालित हैं। राज्य सरकार ने 200 नए सांदीपनि विद्यालयों को स्वीकृति दी है। इनके लिए कुल 400 नए भवनों का निर्माण किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 200 भवन और जनजातीय कार्य विभाग द्वारा 200 भवन बनाए जाएंगे।
सांदीपनि विद्यालयों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना है। नए भवनों के निर्माण से विद्यालयों की अधोसंरचना के विस्तार की योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार पदों पर जल्द भर्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में जल्द ही 20 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने वाली है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अब तक 85 हजार से अधिक शासकीय पदों पर युवाओं को रोजगार प्रदान कर चुकी है, जिनमें 15 हजार पद स्कूल शिक्षा विभाग के थे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में एक लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया गया है। पदोन्नति के कारण रिक्त हुए पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए हर वर्ष विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठकें आयोजित करने की बात भी उन्होंने कही।
954 कर्मचारियों को अनुकम्पा नियुक्ति, शेष 300 प्रकरण इसी वर्ष होंगे निराकृत
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग के 954 कर्मचारियों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने प्रतीक स्वरूप 11 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुकम्पा नियुक्ति के शेष 300 प्रकरणों का निराकरण इसी वर्ष किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसी शासकीय कर्मचारी की असमय मृत्यु होने पर उसके परिवार को भावनात्मक आघात के साथ आर्थिक कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे परिवारों को सहायता उपलब्ध कराना सरकार की संवेदनशील जिम्मेदारी है। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किए जाने की सराहना करते हुए इसे अन्य विभागों के लिए अनुकरणीय बताया।
नियुक्ति प्राप्त करने वाले 954 कर्मचारियों में 661 सहायक ग्रेड-3, 31 प्राथमिक शिक्षक और 262 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नियुक्ति प्राप्त करने वाले कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करेंगे।
विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी की सुविधा
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि मेधावी विद्यार्थियों को अब तक 1 लाख 35 हजार से अधिक लैपटॉप वितरित किए जा चुके हैं। बोर्ड परीक्षाओं में स्कूल टॉपर विद्यार्थियों को स्कूटी भी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि स्कूल से निकलने वाले विद्यार्थियों को नीट की तैयारी के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर देना और उन्हें बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। आधुनिक प्रयोगशालाओं, खेल गतिविधियों और विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं का विकास इसी दिशा में महत्वपूर्ण है।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी सम्मानित
रवींद्र भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् के गायन से हुई। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री का पौधा भेंट कर स्वागत किया।
मंत्री उदय प्रताप सिंह ने अनुकम्पा नियुक्ति को दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों के लिए बड़ी राहत बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सामान्य भर्ती, पदोन्नति और अनुकम्पा नियुक्ति जैसे विषयों को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने शिक्षकों की लंबित समस्याओं के निराकरण और पेंशन प्रकरणों के निपटारे का भी उल्लेख किया।
स्कूल शिक्षा सचिव संजय गोयल ने विभागीय उपलब्धियों की जानकारी दी तथा कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया।
स्रोत: जनसंपर्क विभाग, मध्यप्रदेश शासन की 21 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति।