विजयादशमी पर मुख्यमंत्री का आलेख: सत्य, साहस, राष्ट्रीय सुरक्षा और जनकल्याण को बताया राष्ट्रनिर्माण का आधार
Bhopal, 19 October 2026
भोपाल यशो:- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयादशमी के अवसर पर अपने आलेख में कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की शक्ति और सामर्थ्य सार्थक हो रहे हैं। उन्होंने विजयादशमी को सत्य की शक्ति, न्याय के संकल्प और राष्ट्र के आत्मविश्वास का महापर्व बताते हुए कहा कि अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का साहस ही सत्य की वास्तविक प्रतिष्ठा है।
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीराम का पराक्रम मर्यादा से प्रेरित था और उनके संकल्प जनकल्याण के लिए समर्पित थे। वनवास के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर उन्होंने यह संदेश दिया कि विश्वास, संगठन और सामूहिक प्रयास से बड़ी से बड़ी चुनौती पर विजय प्राप्त की जा सकती है।
डॉ. यादव के अनुसार, विजयादशमी पर शस्त्र-पूजन शक्ति के विवेकपूर्ण उपयोग और उससे जुड़े उत्तरदायित्व का प्रतीक है। शक्ति का उद्देश्य निर्बलों की रक्षा करना, अन्याय का प्रतिकार करना और मानवता के कल्याण के लिए कार्य करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मर्यादा से अनुशासित शक्ति ही समाज में विश्वास पैदा करती है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और भारतीय सैनिकों के पराक्रम को किया नमन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति दृढ़ संकल्प और भारतीय सशस्त्र बलों का अदम्य पराक्रम देशवासियों को गौरवान्वित करता है। भारत शांति, सहयोग और सह-अस्तित्व में विश्वास रखता है, लेकिन अपनी संप्रभुता, स्वाभिमान और नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक निर्णय लेने में भी दृढ़ है।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने आतंकवादी ढांचों के विरुद्ध सटीक कार्रवाई कर साहस, कौशल और सैन्य दक्षता का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने सैनिकों के त्याग और कर्तव्यनिष्ठा को राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के साथ उनके परिवारों का धैर्य और समर्पण भी सम्मान के योग्य है।
सुशासन का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे लाभ
डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सुशासन के प्रयासों का केंद्र नागरिकों का सम्मान, सुरक्षा और कल्याण है। माताओं-बहनों को निर्भय वातावरण, युवाओं को प्रतिभा निखारने के अवसर, किसानों को उनके परिश्रम का उचित प्रतिफल और जरूरतमंदों को शासन की योजनाओं का लाभ मिलना सरकार का संकल्प है।
उन्होंने कहा कि शासन के सामर्थ्य की वास्तविक कसौटी अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन में आने वाला सकारात्मक बदलाव है। नागरिकों को समय पर न्याय, सहज सेवाएं और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना ही लोककल्याणकारी शासन की पहचान है।
सामाजिक एकता और कर्तव्यपालन का आह्वान
मुख्यमंत्री ने विजयादशमी को आत्ममंथन का अवसर बताते हुए कहा कि रावण दहन के साथ अहंकार, लोभ, भेदभाव और कर्तव्य के प्रति उदासीनता से मुक्ति का संकल्प भी लेना चाहिए। ईमानदारी, सद्भाव और अनुशासन को जीवन में अपनाकर समाज की एकता को मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे भगवान श्रीराम की मर्यादा, मां दुर्गा की शक्ति और वीर सैनिकों के साहस से प्रेरणा लेकर सत्य एवं न्याय के पक्ष में खड़े हों तथा अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर राष्ट्र को सशक्त बनाएं। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक मंगलकामनाएं भी दीं।
(लेखक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हैं।)