कान्हा टाइगर डेथ - 15 दिन में 7+ बाघों की मौत, मचा हड़कंप | पत्रकारों का धरना
मंडला यशो :- कान्हा नेशनल पार्क, जो अपनी समृद्ध जैव विविधता और बाघों की बड़ी आबादी के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध है, इन दिनों बाघों की लगातार हो रही मौतों को लेकर गंभीर संकट का सामना कर रहा है।
पिछले 15 दिनों के भीतर 7 से अधिक बाघों की मौत ने न केवल वन्यजीव प्रेमियों को झकझोर दिया है, बल्कि पार्क प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं।
किशली रेंज में मिला एक और बाघ का शव
ताजा घटनाक्रम में पार्क की किशली रेंज में एक और बाघ मृत अवस्था में पाया गया। मृत बाघ की उम्र लगभग 4.5 से 5 वर्ष बताई जा रही है। लगातार सामने आ रही घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी को उजागर कर रही हैं।
पत्रकारों का अनिश्चितकालीन धरना
बाघों की मौत के विरोध में जिले के पत्रकारों ने एकजुट होकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
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कान्हा नेशनल पार्क की किशली रेंज में मृत बाघ मिलने के बाद जांच करती टीम[/caption]
पत्रकारों का कहना है:
“प्रबंधन हटाओ, बाघ बचाओ”
उनका आरोप है कि पार्क प्रशासन बाघों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है और मीडिया को भ्रामक जानकारी दी जा रही है।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें
पत्रकारों द्वारा प्रशासन के सामने रखी गई प्रमुख मांगें:
- हर महीने पत्रकारों के दल द्वारा पार्क की मॉनिटरिंग
- भ्रामक जानकारी देने वाले अधिकारियों पर FIR
- अवैध रिसॉर्ट और निर्माण कार्यों पर तत्काल रोक
- पिछले 5 वर्षों के बजट का सार्वजनिक लेखा-जोखा
- पार्क क्षेत्र में प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध
कान्हा के अस्तित्व पर खतरा
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि
“बाघों के बिना जंगल सूना है”
लगातार हो रही मौतें संकेत दे रही हैं कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो यह पार्क के अस्तित्व के लिए गंभीर संकट बन सकता है।
पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि जब तक बाघों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, आंदोलन जारी रहेगा।
वन्यजीव संरक्षण पर गंभीर सवाल, प्रशासन की भूमिका पर नजर