मध्यप्रदेश जल संकट - 5 कारणों से गहराता जा रहा है। सिवनी के भीमगढ़ और गुरदा जलाशय में सिल्ट जमाव से जलधारण क्षमता घटी, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी।
Seoni 10 April 2026 सिवनी यशो:— मध्यप्रदेश में जल आपूर्ति और जल सुरक्षा की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। तालाब, कुएं, नदियों और जलाशयों में तेजी से जमा हो रही सिल्ट (मिट्टी) अब जल संकट का बड़ा कारण बनती जा रही है।सिल्ट बना जल संकट का मुख्य कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, जल स्रोतों का समय पर गहरीकरण (डीपेनिंग) और सिल्ट हटाने की प्रक्रिया नहीं होने से वर्षा जल का पर्याप्त संचयन नहीं हो पा रहा है। इसका सीधा असर भूजल स्तर पर पड़ रहा है, जो हर साल गर्मी में तेजी से गिरता जा रहा है।सिवनी में हालात चिंताजनक
जिले के छपारा क्षेत्र स्थित भीमगढ़ जलाशय और लखनादौन विकासखंड के ग्राम गुरदा जलाशय में सिल्ट जमाव के कारण जलधारण क्षमता लगातार घट रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से इन जलाशयों की समुचित सफाई और गहरीकरण नहीं किया गया है।ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा असर
ग्रामीण इलाकों में जल स्तर गिरने से पेयजल संकट गहराता जा रहा है। वहीं किसानों को सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे कृषि पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है।विशेषज्ञों की चेतावनी
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल स्रोतों का समय रहते पुनर्जीवन नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में जल संकट विकराल रूप ले सकता है।क्या करने होंगे बड़े कदम?
- जलाशयों से बड़े पैमाने पर सिल्ट हटाना
- नियमित गहरीकरण (डीपेनिंग) सुनिश्चित करना
- वर्षा जल संचयन को प्राथमिकता देना
- स्थानीय स्तर पर निगरानी मजबूत करना
- जनभागीदारी को बढ़ावा देना