Seoni 18 September 2025छपारा यशो:- भीमगढ़ संजय सरोवर बांध, जिसे एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बांध और राष्ट्रीय धरोहर का दर्जा प्राप्त है, आज अपनी पहचान के बावजूद उपेक्षा का शिकार है। जिला मुख्यालय सिवनी से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित इस बांध तक पहुंचने के लिए छपारा–खुर्सीपार–गोरखपुर–अंजनिया–खापा मार्ग से होकर जाना पड़ता है। खापा गांव से भीमगढ़ बांध तक का लगभग 5 किलोमीटर का मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। जगह-जगह बड़े गड्ढों के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की दुर्दशा से सिर्फ पर्यटक ही नहीं, बल्कि सैकड़ों गांवों के लोगों का आवागमन भी बाधित होता है। 2020 में वैनगंगा नदी पर बना पुल बह जाने से खापा–भीमगढ़ मार्ग बरसात में बंद हो जाता है। इसके चलते ग्रामीणों को लंबा चक्कर काटकर गंगई रैयत और भीमगढ़ कॉलोनी होते हुए खापा पहुंचना पड़ता है।
जिले की जीवनदायिनी वैनगंगा नदी पर बना यह बांध न सिर्फ सिंचाई, बल्कि
मछली पालन,
पेयजल आपूर्ति और पर्यटन के लिए भी महत्वपूर्ण है।
1972 में शुरू हुआ इसका निर्माण 1988 में पूरा हुआ था।
लगभग 3.87 किलोमीटर लंबा यह बांध अपने आप में एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बांध है।
इसके बावजूद न तो पर्यटन विकास की दिशा में ठोस प्रयास हुए और न ही पहुंच मार्ग सुधारा गया।
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि -
“भीमगढ़ बांध जिले की शान है, लेकिन यहां पहुंचना किसी दुश्वार सफर से कम नहीं।
सड़क की मरम्मत और पर्यटन सुविधाओं के अभाव में यह धरोहर उपेक्षा की मार झेल रही है।”