सिवनी यशो:- सूफी समाजिक कार्यकर्ता सूफी मंज़ूर रज़ा क़ादरी द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया की, सिवनी जिले भर में अलग-अलग सूफी संत पीर , औलिया इकराम के उर्स मनाएं जातें हैं जिसमें 3 मई से बोरदई टेकरी में उर्स शुरू होता है 7 मई भोमा,11 मई टोल टेक्स बरघाट रोड, 13 मई छिंदवाले बाबा, 22 मई छपारा , 23 मई बड़ी जियारत शहंशाह मिया साहब, 26 मई सूफी साहब, 29 मई मदार शाह बाबा , 29/30/31 मई एवं 1 जून को शहर कोतवाली के पिछे हजऱत जेल वाले सरकार क़ादरी चिश्ती रहमतुल्लाह अलैय का उर्स परम्परागत तरीके से शांति पूर्वक मनाए जाते हैं बीच की तारिख में भी दिगर ग्रामीण क्षेत्रों की भी दरगाहों पर उर्स शरीफ़ मनाएं जातें हैं। पचधार कुरई,बघराज, बरघाट , लखनादौन, केदारपुर , डुंगरिया शरीफ़, छांट दिवाली वाले बाबा , संहित जिले भर में 3 मई से शुरू हो कर 14 जून राज्य परिवहन बस स्टैंड दरगाह उर्स तक जिले भर के 200/300 साल पुरानी दरगाह खानकाह मजारों पर उर्स मनाएं जातें हैं जो अपने परंपरागत तरीके से सूफियाना कव्वाली महफि़ल ए शिमा का आयोजन कर जिले भर में हिन्दू मुस्लिम कौमी एकता अखंडता भाई चारा गंगा जमुनी तहज़ीब संस्कृति को क़ायम रखते हुए उर्स प्रोगाम आयोजित होते हैं। जिसमें सभी धर्मों के लोग अपनी आस्था के मुताबिक मजारों पर चादरें प्रसाद तबर्रुक पेश करते हुए अपनी मुरादें मांगते हैं और पुरी होने पर संदल लाकर अकिदत आस्था का नजऱाना पेश करते हैं , ये हिंदुस्तान में महान सूफी संतों पीर फकिरो औलिया इकराम की सूफी संत की विचारधारा वाली सूफी संस्कृति को मानते हुए जि़ले सहित पुरे प्रदेश देश में उर्स के आयोजन किये जातें हैं सिवनी में प्रसिद्ध तो सभी दरगाह खानकाह मजार शरीफ हैं , उसमें से एक प्रसिद्ध उर्स दरगाह हजऱत जेल वाले सरकार क़ादरी चिश्ती रहमतुल्लाह अलैय है जो सिवनी में लगभग तीन सौ साल का इतिहास रखतीं हैं उर्स कमेटी द्वारा बड़े पैमाने पर हिन्दुस्तान के बड़े सूफी सिंगर फनकार कव्वाल द्वारा सूफियाना कलाम की प्रस्तुत किया जाता है। लगभग जिले भर में देड महिना चलने वाले उर्स पर जिला प्रशासन द्वारा बिजली पानी साफ-सफाई व्यवस्था का विषेश ध्यान रखने की मांग सभी दरगाह खानकाह मजारों पर आने वाले क्षेत्र में विषेष रूप से व्यवस्था बनाने की अपील आल इंडिया सुन्नी हनफी सूफी बरेलवी मुस्लिम त्योहार कमेटी रज़ा एकेडमी लब्बैक यूथ फोर्स समाजिक सूफी संगठन, सूफी मंज़ूर रज़ा क़ादरी सूफी समाजिक कार्यकर्ता द्वारा की गई है।