मंडला में सीएनसीपी बालकों के प्रवेश हेतु कार्यशाला, 46 प्रतिभागियों ने सीखे बाल संरक्षण के गुर
महिला एवं बाल विकास विभाग, जन साहस और आवाज संस्था ने प्रदान की बाल संरक्षण किट | जोखिमग्रस्त बच्चों के पुनर्वास की दिशा में नवाचार
“मंडला बाल संरक्षण कार्यशाला – जो बच्चे समाज के किनारे छूट जाते हैं… अब उन्हें पहचानकर सुरक्षित भविष्य देने की तैयारी”
मंडला यशो:- आदर्श बाल गृह मंडला में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के अंतर्गत
सीएनसीपी (देखरेख और संरक्षण के जरूरतमंद बालकों) के प्रवेश हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इसमें जिलेभर से आए 46 प्रतिभागियों ने भाग लेकर बाल संरक्षण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।

संयुक्त आयोजन, नवाचार की पहल
कार्यशाला का आयोजन बाल कल्याण समिति मंडला, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं
सीमा सोशल वेलफेयर सोसायटी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
यह पहल जिले में जोखिमग्रस्त एवं हाशिए पर रह रहे बच्चों के चिन्हांकन और उनके संस्थागत पुनर्वास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।
सभी प्रतिभागियों का पुष्प से स्वागत किया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग के सामाजिक कार्यकर्ता सौरभ पटवा ने कार्यशाला की प्रस्तावना प्रस्तुत की।
264 बच्चों को मिला संरक्षण, 256 का पुनर्वास
किशोर न्याय बोर्ड के पूर्व सदस्य अब्दुल गनी खान ने बताया कि आदर्श बाल गृह वर्ष 2013 से संचालित है।
अब तक 264 बच्चों को प्रवेश दिया गया, जिनमें से 256 बच्चों का सफल पारिवारिक पुनर्वास किया जा चुका है।
विशेषज्ञों ने दी कानूनी और व्यावहारिक जानकारी
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष गजेन्द्र गुप्ता ने कार्यशाला में संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार सम्मेलन,
किशोर न्याय अधिनियम 2015 तथा संस्थागत देखभाल प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी।
संरक्षण अधिकारी रितेश बघेल ने मिशन वात्सल्य योजना के प्रावधानों पर प्रकाश डाला,
जबकि सौरभ पटवा ने चाइल्ड हेल्पलाइन एवं आपातकालीन सेवाओं की जानकारी दी।
संस्कार और समाज से जुड़ाव पर जोर
काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल के संचालक आचार्य भीमदेव ने बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए मार्गदर्शन दिया।
प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और कार्यशाला को उपयोगी बताया।
बाल संरक्षण किट का वितरण
कार्यशाला के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग, जन साहस और आवाज संस्था द्वारा
प्रतिभागियों को बाल संरक्षण संबंधी किट प्रदान की गई।
बाल कल्याण समिति क्या है?
बाल कल्याण समिति किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत गठित एक स्वायत्त संस्था है,
जो अनाथ, परित्यक्त, खोए हुए या देखरेख की आवश्यकता वाले बच्चों के संरक्षण, पुनर्वास और विकास से जुड़े मामलों को देखती है।






