युवाओं, किसानों एवं महिला सशक्तिकरण ने किया कमाल
मध्य प्रदेश में 18 साल तक सत्ता में रहने के बाद भी मामा शिवराज सिंह चौहान ने अपने खिलाफ बने एंटी इंकबंसी को प्रो इंकबंसी में बदल दिया। इसमें उनकी सरकार की तरफ से युवा के लिये सीखो कमाओ योजना, किसानों को समर्थन मूल्य के अतिरिक्त बोनस के माध्यम से गेंहूँ का मूल्य 2700 प्रति क्विंटल एवं धान का मूल्य 31 सौ रूपये प्रति क्विँटल देने की योजना के साथ लाड़ली बहना योजना ने अहम किरदार निभाया। बता दें कि मध्य प्रदेश की 1.31 करोड़ महिलाओं को 1250 रुपये हर महीने दिये जा रहे हैं। इन योजनाओं ने शिवराज के लिए एक लाभार्यी वर्ग बना दिया। एमपी की 7 करोड़ आबादी में लाडली बहना योजना की लाभार्थियों ने शिवराज को भर भर कर वोट दिया है।
इन महिलाओं लड़कियों के लिए शिवराज का नाम एक भरोसा था, इस पर उन्होंने यकीन किया। अनुमान है कि बीजेपी अगर कांग्रेस का परंपरागत वोटर माने जाने वाले एससी-एसटी वोट में भी सेंध लगाती नजर आ रही है तो इसके पीछे लाडली बहना योजना बताई जा रही है। एमपी की बेटियों ने शिवराज की इस स्कीम को भविष्य की गारंटी समझा और वोट दिया।