एक प्यार का नगमा है.. मौजों की रवानी है.. जिंदगी और कुछ भी नहीं तेरी-मेरी कहानी है
सिवनी यशो:- महाराज श्री अग्रसेन जन्मोत्सव पर अग्रसेन भवन लूघरवाड़ा में शनिवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम के चौथे दिन सुरीली अंताक्षरी में एक से बढ़कर सदाबहार नगमे व सुमधुर गीतों की प्रस्तुति दी गई। इस कार्यक्रम के मंच पर अग्रवाल समाज की प्रतिभाओं ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। अंताक्षरी प्रतियोगिता के दौरान 20वीं सदी से लेकर 21वीं सदी तक के सुपरहिट गीतों व सदाबहार नगमों को उपस्थितजन गुनगुनाते नजर आए। दोपहर में बच्चों के लिए क्ले आर्ट गणेश जी, ड्राइंग काम्पीटिशन, महिलाओं के मोर छड़ी सजाओ, जायके का सफर, टाफी बुके प्रतियोगिता रखी गई, जिसमें बच्चों व महिलाओं ने अपना हुनर दिखाया। 14 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से प्रारंभ हुई अंताक्षरी प्रतियोगिता का श्री सल्लू अग्रवाल, श्री उमेश मोदी, कु. मिनी अनुशिखा अग्रवाल ने बेहतरीन संचालन किया। प्रतिभागी टीमों को सुर लहरी, आडियो-वीडियो क्लिप, अंतरा-मुखड़ा और नई-पुरानी फिल्मों पर आधारित अलग-अलग राउंड में हिस्सा लिया।
प्रवक्ता संजय अग्रवाल ने बताया कि अतिथियों व अग्रवाल समाज सिवनी के पदाधिकारियों ने माता महालक्ष्मी व महाराज अग्रसेन के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर मंचीय कार्यक्रम प्रारंभ किया। कार्यक्रम में अतिथि नागपुर के प्रसिद्ध डा. श्री संदीप अग्रवाल पत्नी डा. श्रीमती सारिका अग्रवाल, श्रीमती नीतू अग्रवाल तथा सिवनी अग्रवाल समाज के अध्यक्ष श्री श्रवण अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष व वरिष्ठ नागरिक श्री श्यामसुंदर खेमुका मंचासीन रहे। अंताक्षरी से जुड़कर मुख्य अतिथि डा. संदीप अग्रवाल ने अपनी सुरीली आवाज में एक प्यार का नगमा है.. मौजों की रवानी है.. जिंदगी और कुछ भी नहीं तेरी-मेरी कहानी है.. गीत सुनाया, जिसे उपस्थितजनों ने खूब सराहा। अग्रवाल समाज के पदाधिकारियों, सदस्यों, युवा समिति ने मंचासीन अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया।