मध्यप्रदेश में बस ऑपरेटर और ट्रक चालकों की हड़ताल का सीधा असर अनेक शहरों के साथ ही सिवनी में भी देखा गया । इस दौरान पुलिस प्रशासन के अधिकारी अलग-अलग स्थान पर पहुंचकर बस ऑपरेटर और ट्रक संचालकों को समझाइए देते नजर आ रहे हैं। अलग-अलग स्थान पर हुए चक्का जाम के चलते ट्रैफिक व्यवस्था भी बाधित हुई, जहां अधिकारियों की समझाइश के बाद ट्रक और बस ड्राइवर ने चक्का जाम खोल दिया। बहरहाल, अब देखने वाली बात होगी कि आखिर कब तक देश में बस ऑपरेटर और ट्रक चालकों की हड़ताल जारी रहती है।
सिवनी नगर में ट्रक एवं बस आपरेटर यूनियनों के द्वारा ज्ञापन सौंपे गये है । वाहन चालक परिचालक संघ ने वाहन संचालक एवं वाहन मालिकों से भी उनके आंदोलन को सहयोग करने की मांग की है और उन्होंने आंदोलन करते हुये कहा है कि वाहन चालको के लिये इतना कठोर दंड प्रावधान नीति संगत नहीं है । कोई भी चालक किसी प्रकार की दुर्घटना जानबूझकर नहीं करता अनेक ऐसी परिस्थितियाँ निर्मित हो जाती है जिसके कारण दुर्घटना घटित होती है जिसके लिये इतना कठोर दंड प्रावधान बनाया गया है कि चालक को सात वर्ष की सजा और दस लाख रूपये जुर्माना जो एक दुर्घटना के बाद चालक का पूरा जीवन और उसके परिवार के लिये तबाही का कारण बन जायेगा । इस परिस्थिती में कोई भी चालक वाहन चलाना स्वीकार नहीं कर सकता ।
वाहन चालकों की हड़ताल से पूरे प्रदेश सहित जिले में आसामन्य परिस्थिती निर्मित हो गयी है पेट्रोल पंपों में पेट्रोल डीजल के लिये लंबी लाईने है तो आम आदमी अपने दैनिक उपयोग के लिये दूध, सब्जी राशन आदि एकत्रित करने में जुटा हुआ है परिवहन बंद होने से सब्जी की आवक अवरूद्ध हो चुकी है वहीं दूध भी नहीं मिल रहा है पेट्रोल पंपों भी ड्राई हो चुके है । पेट्रोल डीजल के टैंकर नहीं आ रहे है ।
इस बीच परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मेरा जनप्रतिनिधि और नागरिक होने के नाते हड़ताल करने वाले साथियों से अनुरोध है कि यह अंतिम विकल्प नहीं है। चक्का जाम होने जैसी स्थिति नहीं आनी थी। इससे पूरा जनजीवन प्रभावित होता है। कानून बनने से यह नहीं माना जाना चाहिए कि आप दोषी हैं। कोई चीज यदि पब्लिक डोमेन में आई है तो इसका यह मतलब नहीं है कि आपको दंड देने के लिए बनाया गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दंड संहिता को अलग करके न्याय संहिता को लाया गया है। जब न्याय संहिता है तो निश्चित रूप से सभी व्यक्ति को न्याय मिलेगा। किसी भी व्यक्ति को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। फिर भी यदि उनके मन में कोई चिंता है तो उसका बातचीत से हल निकल सकता है। हमारे सिस्टम में हमेशा बातचीत को प्राथमिकता दी गई है।