सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन के लिए लायी जाए जागरूकता
सिवनी यशो:- राज्यपाल मंगुभाई पटेल (Governor Mangubhai Patel) ने कहा कि सिकलसेल एनीमिया (sickle cell anaemia) वंशानुगत बीमारी (hereditary disease) है। यह सबसे अधिक आदिवासी समाज (tribal society) में है। जब पति और पत्नी दोनों इस बीमारी से पीडि़त होते है तो उनसे जन्म लेने वाला बच्चा भी इस बीमारी का शिकार बन जाता है। उक्ताशय के उद्बोधन राज्यपाल श्री पटेल द्वारा ग्राम अंधियारी (Village Andhiyari) में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित दिए गए। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने सिकल सेल रोग पर बड़ी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने इस गंभीर बीमारी को लेकर जागरूकता लाने की बात कही। राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने कहा शादी से पहले सभी कुंडली का मिलान तो करते ही हैं, ये एक आम बात है, लेकिन शादी से पहले लड़का एवं लड़की की जेनेटिक काउंसिल कार्ड (genetic council card) का मिलान भी अवश्य किया जाए। सिकल सेल से ग्रसित युवक-युवती आपस में विवाह न करें। गर्भवती माताओं की स्वास्थ्य जांच (health check up) भी जरूर कराएं। प्रसव के 72 घंटों के भीतर नवजात शिशु की जांच भी कराना बेहद जरूरी है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि उन्हें सिकल सेल से ग्रसित परिवार की जानकारी मिलती है तो वे उन्हें प्राथमिक आरोग्य केन्द्र (primary health center) जाने के लिए प्रेरित करें। इसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा लोगों का सिकलसेल एनीमिया कार्ड बनाया जा रहा है। युवाओं के विवाह के समय इस कार्ड का जरूर मिलान करना चाहिए, ताकि बच्चे को इस बीमारी से बचाया जा सके।
राज्यपाल श्री पटेल ने बताया कि पूरे विश्व में जनजातीय समुदाय के 95 प्रतिशत लोग इस बीमारी से पीडि़त हैं। समय-समय पर आंगनबाड़ी केन्द्रों, प्राथमिक, माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में जाकर बच्चों की सिकलसेल एनीमिया की जांच भी करनी होगी। राज्यपाल ने मंच से कहा कि गांवों में सिकलसेल एनीमिया परीक्षण के शिविर लगवाएं और लोगों को उपचार मुहैया कराएं। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण, जांच, जेनेटिक काउंसलिंग, स्वास्थ्य शिक्षा और जनजागृति (Health education and public awareness) के कार्यों को व्यापकता प्रदान करनी होगी। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकलसेल एनीमिया से प्रभावित बच्चों को नियमित योग और व्यायाम करना चाहिए। घर में पौष्टिक भोजन (Nutritious food) को महत्व दें एवं अधिक मात्रा में पानी पिये। उन्होंने बच्चों को तैलीय खाद्य पदार्थों के सेवन से बचने की सलाह भी दी। राज्यपाल श्री पटेल ने अवगत कराया कि बुधवार 19 जून को विश्व सिकल सेल दिवस (World Sickle Cell Day on 19th June) के अवसर पर राज्यस्तरीय कार्यक्रम (state level program) को आयोजन उपराष्ट्रपति महोदय के मुख्यातिथ्य (Chief Guest of Vice President) में डिंडौरी जिले (Dindori district) में आयोजित किया जा रहा है इसके साथ-साथ प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य वाले 20 जिलों में भी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
पेसा ग्रामसभा में शामिल महामहिम राज्यपाल
मंचीय कार्यक्रम के पूर्व राज्यपाल मंगुभाई पटेल पेसा ग्रामसभा (PESA Gram Sabha) में शामिल हुए। राज्यपाल महोदय के समक्ष ग्रामवासियों द्वारा सिकल सेल ऐनीमिया की जांच कराए बिना विवाह संबंध न जोडऩे का प्रस्ताव पारित किया गया। इसी तरह छिंदवाड़ा (Chhindwara) जिले के समान ही ग्राम की भारिया जनजाति को विशेष आहार अनुदान योजना का लाभ दिलाए जाने का प्रस्ताव पारित कराया गया।
सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते (MP Faggan Singh Kulaste) ने अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री जन मन योजना (Pradhan Mantri Jan Man Yojana) के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि सरकार दूरस्थ वनंचलों में रहने वाले जनजातीय समुदाय के समुचित विकास के लिए प्रयासरत है।इस योजना के तहत आधारभूत संरचना के विकास को बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल बीमारी उन्मूलन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल की व्यक्तिगत रुचि है, श्री पटेल के प्रयासों से आदिवासी भाईयों को इसका लाभ मिल रहा है।
विधायक दिनेश राय (MLA Dinesh Rai) ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज राज्यपाल स्वयं हम लोगों के बीच मौजूद है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल का सिकिल सेल एनीमिया के उन्मूलन की दिशा में प्रयास आमजनों के प्रति उनकी चिंता को बताता है।