Mon, 19 Oct 2026 | 04:22:19 PM
Dainik Yashonnati
Breaking News Exclusive
नवजातों की मौत के आंकड़े प्रतिशत में बताकर सच्चाई छिपा रहा अस्पताल प्रबंधन: राजा बघेल हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन? PWD की लापरवाही से खतरे में राहगीरों की जान अवैध लकड़ी से भरी स्कॉर्पियो जब्त, चालक फरार डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ ली, संवैधानिक दायित्व संभाला 18 अक्टूबर को जबलपुर से देहरादून रवाना होंगे डॉ. ढालसिंह बिसेन, 19 को लेंगे राज्यपाल पद की शपथ मुरैना में ₹1,500 करोड़ का निवेश, 2,000 लोगों को मिलेगा रोजगार; हर विधानसभा में औद्योगिक पार्क बनाने की तैयारी वरिष्ठजनों के अनुभव से मजबूत होगा संगठन, चंद्रशेखर ने किया आत्मीय संवाद भाजपा की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से अमित सक्सेना का इस्तीफा आज से सरकारी दफ्तरों में पांच दिन की लगातार छुट्टी! भारी जलसंकट, चलेगा ‘रोको-टोको’ अभियान, पानी बर्बाद किया तो कटेगा नल कनेक्शन! नवजातों की मौत के आंकड़े प्रतिशत में बताकर सच्चाई छिपा रहा अस्पताल प्रबंधन: राजा बघेल हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन? PWD की लापरवाही से खतरे में राहगीरों की जान अवैध लकड़ी से भरी स्कॉर्पियो जब्त, चालक फरार डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ ली, संवैधानिक दायित्व संभाला 18 अक्टूबर को जबलपुर से देहरादून रवाना होंगे डॉ. ढालसिंह बिसेन, 19 को लेंगे राज्यपाल पद की शपथ मुरैना में ₹1,500 करोड़ का निवेश, 2,000 लोगों को मिलेगा रोजगार; हर विधानसभा में औद्योगिक पार्क बनाने की तैयारी वरिष्ठजनों के अनुभव से मजबूत होगा संगठन, चंद्रशेखर ने किया आत्मीय संवाद भाजपा की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से अमित सक्सेना का इस्तीफा आज से सरकारी दफ्तरों में पांच दिन की लगातार छुट्टी! भारी जलसंकट, चलेगा ‘रोको-टोको’ अभियान, पानी बर्बाद किया तो कटेगा नल कनेक्शन!

मध्य प्रदेश में 11 साल बाद सहकारिता के चुनाव चार चरणों में होंगे संपन्न

Dainik Yashonnati

Dainik Yashonnati / Jun 17, 2024 11:32 pm / Post views : 269

मध्य प्रदेश में 11 साल बाद सहकारिता के चुनाव चार चरणों में होंगे संपन्न
शेयर करें:

सहकारी समितियों व अपैक्स बैंक के चुनाव, तारीखों का ऐलान

सिवनी यशो:- मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh)  में सहकारिता के चुनाव घोषित (Cooperative elections declared) हो चुके है और मप्र राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी एमबी ओझा (MP State Cooperative Election Authority MB Ojha) ने जिलों की विभिन्न सहकारी समितियों (co-operative societies) के निर्वाचन के लिए रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त (returning officer appointed) भी कर दिये है। मध्य प्रदेश में लोकसभा (Lok Sabha) के बाद अब सहकारी समितियों के चुनाव कराए जाने की तैयारी है। राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) ने यह चुनाव 24 जून से 9 सितंबर के बीच चार चरणों में प्रस्तावित किए हैं। प्रदेश में 4531 प्राथमिक कृषि समितियां हैं। इनके साथ जिला सहकारी बैंक व अपेक्स बैंक (District Cooperative Bank and Apex Bank) के चुनाव भी होंगे। मध्यप्रदेश में यह चुनाव 11 साल बाद होने जा रहे हैं।

वर्ष 2013 में हुये थे चुनाव

मध्य प्रदेश में इससे पहले 2013 में सहकारी समितियों के चुनाव हुए थे। इस कार्यकाल में भी अनेक जिलों में सहकारी समितियों गठन तो हो गया था परंतु अनेक जिलों में जिला सहकारी समितियों के बोर्ड गठित नहीं हुये थे । फिर भी इनका कार्यकाल 2018 तक था, लेकिन कार्यकाल समाप्त होने के बाद सालों बाद भी चुनाव नहीं हुए। सहकारी समितियों का संचालन फिलहाल प्रशासकों के मार्गदर्शन में हो रहा है। मप्र राज्य सहकारी निर्वाचन पदाधिकारी एमबी ओझा ने समिति चुनाव 24 जून से 9 सितंबर के बीच चार चरणों में प्रस्तावित किए हैं।

6 साल से प्रशासक के आधीन संस्थाएं

सहकारी संस्थाओं में प्रशासक (administrator) का कार्यकाल 2 साल से अधिक नहीं हो सकता, लेकिन मध्य प्रदेश में पिछले 6 साल से सभी सहकारी संस्थाएं प्रशासक के अधीन हैं। सरकार चुनाव कराने को तैयार नहीं थी। जिसे लेकर कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनाव कराए जाने की मांग की। जबलपुर हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए जल्द से जल्द चुनाव कराने का आदेश दिया था। यहाँ यह भी बता दे कि पिछले 6 सालो से प्रशासको के भरोसे चल रही सहकारी साख समितियों की हालत बहुत खस्ता है और भ्रष्टाचार चरम पर है । अनेक समितियों में करोड़ो के घोटाले है ।

क्या हैं सहकारी समितियां

मध्य प्रदेश में लगभग 4531 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाएं अस्तित्व में हैं। इन संस्थाओं के जरिए किसानों को उचित कीमत व साख के आधार पर खाद-बीज उपलब्ध कराए जाते हैं। सहकारी समितियों का संचालन किसानों द्वारा निर्वाचित कमेटी व प्रशासन के सहयोग से किया जाता था। समितियों के चुनाव सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 के तहत कराए जाते हैं, लेकिन अधिनियम की अनेदेखी करते हुए लंबे समय से चुनाव नहीं कराए गए। जिस कारण ज्यादातर संस्थाएं प्रशासक के आधीन संचालित हैं।

2005 से नहीं हुए चुनाव

कृषि सहकारी समितियों के अलावा मध्य प्रदेश में राज्य सहकारी संघ, दुग्ध महासंघ, राज्य उपभोक्ता संघ और आवास संघ भी संचालित हैं। इनके चुनाव भी 2005 से लंबित हैं। चुनाव के अभाव में यह संस्थाएं भी प्रशासक के आधीन हैं।

Live

लाइव क्रिकेट Score

Live

दैनिक राशिफल Daily

ज्योतिष