प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस का हुआ शुभारंभ
सिवनी यशो:- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को मूर्त रूप देने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के 55 महाविद्यालयों का उन्नयन करते हुये प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस बनाया गया है। एक्सीलेंस कॉलेज के रूप में चयनित शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सिवनी का उद्घाटन समारोह दिनेश राय विधायक, सिवनी के मुख्य आतिथ्य,आलोक दुबे जिलाध्यक्ष भाजपा की अध्यक्षता एवं श्रीमती मालती डेहरिया अध्यक्ष जिला पंचायत, सिवनी, सुश्री संस्कृति जैन, कलेक्टर एवं श्री सुनील मेहता, पुलिस अधीक्षक के विशिष्ट आतिथ्य में महाविद्यालय के प्रवेश द्वार पर पूजन अर्चन के बाद फीता काटकर शुभारंम किया गया। अभिनव प्रयास के रूप में प्रारंभ किये गये भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ट, हिन्दी ग्रंथ अकादमी सेल काउंटर तथा विवेकानंद युवा संसाधन केन्द्र का शुभारंभ किया गया।
छात्र व्यक्तित्व और कौशल विकास कार्यक्रमों को अधिकतम लाभ प्राप्त करें - प्राचार्य
मुख्य समारोह महाविद्यालय के ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित किया गया। जिसमें मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवन कर संवेत स्वर में राष्ट्रगान हुआ। महाविद्यालय परिवार द्वारा पुष्प गुच्छ भेंट कर अतिथियों का स्वागत तथा शॉल श्रीफल से सम्मान किया गया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. रविशंकर नाग ने अपने स्वागत संबोधन में एक्सीलेंस कॉलेज की संकल्पना के अनुरूप महाविद्यालय में उपलब्ध अध्ययन, शोध एवं व्यक्तित्व व कौशल विकास कार्यक्रमों का विद्यार्थियों से अधिकाधिक लाभ लेने के लिये प्रोत्साहित किया। 5000 से अधिक छात्र/छात्राओं की उपस्थिति में दिनेश राय विधायक सिवनी ने एक्सीलेंस कॉलेज की सौगात मिलने पर बधाई दी और कहा कि पढ़ लिख कर न केवल नौकरी करने वाले बल्कि नौकरी देने वाले बने। इस महाविद्यालय में बहुत बड़ी छात्र संख्या को देखते हुये आवश्यकता के अनुरूप संसाधन जुटाने के लिये भरसक प्रयास करूंगा। कलेक्टर संस्कृति जैन ने विद्यार्थियों को शिक्षा का महत्व बताते हुये महाविद्यालय में प्राप्त ज्ञान को जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन करते हुये आगे बढऩे की बात पर जोर दिया। वही पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता में अपने उद्बोधन में एक्सीलेंस कॉलेज बनने पर शुभकामनाएं देते हुये न केवल छात्र/छात्राओं को बल्कि प्राध्यापकों को भी एक्सीलेंस को भी एक जिम्मेदारी लेने को कहा। जनभागीदारी अध्यक्ष अजय बाबा पांडेय ने वर्तमान समय में विद्यार्थियों सहित महाविद्यालयीन अधिकारियों, कर्मचारियों को जिम्मेदारियों के साथ काम करने की बात कही एवं हर संभव सुधारात्मक प्रयासों में साथ खड़े होने पर जोर दिया। अपने अध्यक्षीय उ?द्बोधन में आलोक दुबै ने सर्वप्रथम प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व प्रदेश सरकार के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुये कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत व ज्ञान परंपरा से जुड़ते हुये आईआईटी दिल्ली के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक की आधुनिकतम शिक्षा की सुविधा इस महाविद्यालय में सौगात के रूप में मिली है। जिसका लाभ लेकर हमारे विद्यार्थी महाविद्यालय सहित प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।कार्यक्रम संचालक डॉ. एमसी सनोडिया ने पावरपाइंट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से महाविद्यालय में उपलब्ध संसाधन, नवीन पाठ्यक्रम व शैक्षणिक सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।