Mon, 19 Oct 2026 | 07:52:35 PM
Dainik Yashonnati
Breaking News Exclusive
सिवनी के 537 आंगनवाड़ी केंद्रों में तिथि भोज एवं कन्या भोज का आयोजन, पोषण जागरूकता को मिला बढ़ावा जिला भाजपा ने दी शुभकामनाएं, कहा—उत्तराखंड में जनसेवा और सुशासन का नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे डॉ. , बोले—देवभूमि की सेवा करना मेरा सौभाग्य नवजातों की मौत के आंकड़े प्रतिशत में बताकर सच्चाई छिपा रहा अस्पताल प्रबंधन: राजा बघेल हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन? PWD की लापरवाही से खतरे में राहगीरों की जान अवैध लकड़ी से भरी स्कॉर्पियो जब्त, चालक फरार डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ ली, संवैधानिक दायित्व संभाला 18 अक्टूबर को जबलपुर से देहरादून रवाना होंगे डॉ. ढालसिंह बिसेन, 19 को लेंगे राज्यपाल पद की शपथ मुरैना में ₹1,500 करोड़ का निवेश, 2,000 लोगों को मिलेगा रोजगार; हर विधानसभा में औद्योगिक पार्क बनाने की तैयारी वरिष्ठजनों के अनुभव से मजबूत होगा संगठन, चंद्रशेखर ने किया आत्मीय संवाद सिवनी के 537 आंगनवाड़ी केंद्रों में तिथि भोज एवं कन्या भोज का आयोजन, पोषण जागरूकता को मिला बढ़ावा जिला भाजपा ने दी शुभकामनाएं, कहा—उत्तराखंड में जनसेवा और सुशासन का नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे डॉ. , बोले—देवभूमि की सेवा करना मेरा सौभाग्य नवजातों की मौत के आंकड़े प्रतिशत में बताकर सच्चाई छिपा रहा अस्पताल प्रबंधन: राजा बघेल हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन? PWD की लापरवाही से खतरे में राहगीरों की जान अवैध लकड़ी से भरी स्कॉर्पियो जब्त, चालक फरार डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ ली, संवैधानिक दायित्व संभाला 18 अक्टूबर को जबलपुर से देहरादून रवाना होंगे डॉ. ढालसिंह बिसेन, 19 को लेंगे राज्यपाल पद की शपथ मुरैना में ₹1,500 करोड़ का निवेश, 2,000 लोगों को मिलेगा रोजगार; हर विधानसभा में औद्योगिक पार्क बनाने की तैयारी वरिष्ठजनों के अनुभव से मजबूत होगा संगठन, चंद्रशेखर ने किया आत्मीय संवाद

good morning thoughts : छोटी-छोटी बातों की जीवन में महत्ता

Dainik Yashonnati

Dainik Yashonnati / Aug 24, 2024 01:42 am / Post views : 265

good morning thoughts : छोटी-छोटी बातों की जीवन में महत्ता
शेयर करें:
विष का जरा सा अंश जीवन-संकट खड़ा कर देता है। एक छोटी सी ब्लेड प्राणान्त की स्थिति ला देती है। एक छोटा सा घाव नासूर बन कर शरीर को गलाने लगता है। छोटी सी खरोच टिटेनस जैसा प्राणघाती रोग उत्पन्न कर देती है। यह तो सामान्य जीवन की बातें हुई। सामाजिक जीवन में छोटी-छोटी बातों के कितने परिणाम होते हैं, इसके अनेकों उदाहरण यत्र-तत्र बिखरे पड़े हैं। बहुधा हम अपने जीवन में बहुत सी बातों की इसलिए उपेक्षा कर देते हैं कि उन्हें लगता है वह बहुत छोटी बातें हैं, इनसे भला व्यक्ति, परिवार और समाज पर क्या असर पड़ता है? उदाहरण के लिए केला खाकर सड़क पर छिलका फेंक दिया, किसी ने टोक दिया तो उत्तर मिलेगा- "इससे कौन सा प्रलय हो जाएगा?" इधर-उधर थूकते फिरने, लाइन तोड़कर पहले टिकट लेने के लिए आगे बढ़ने, यातायात के नियमों को तोड़कर सड़क पर घूमने जैसी बातों को लोग महत्व नहीं देते, क्योंकि उनकी दृष्टि में भी बहुत साधारण और छोटी-छोटी बातें हैं। लेकिन इन छोटी-छोटी बातों को छोटी होने की कारण अपेक्षित नहीं किया जाना चाहिए। छोटी-छोटी लापरवाहियों के बहुत बड़े दुष्परिणाम होते हैं। जीवन में छोटी-छोटी बातों का महत्व दर्शाते हुए प्रसिद्ध विचारक बट्रेण्ड रसेल ने लिखा है- "आदमी की परख बड़ी-बड़ी बातों से उतनी नहीं होती, जितनी कि छोटी बातों से। ये ही आगे चलकर बड़ी हो जाती है। छोटा सा छेद बड़े से बड़े जहाज को डुबो देता है। छोटी सी फुँसी बड़े से बड़े पहलवान को मार सकती है। अतः छोटी बातों की उपेक्षा न कीजिए। वे बड़ी से बड़ी बातों से भी बड़ी है।" हम अपने में झाँके, निहारें! देखें कि कहीं ऐसी थोड़ी सी भूल चूक तो नहीं हो रही है? यदि कहीं कोई राई-रत्ती भी दिख पड़े तो उसे निकाल फेकें। इसी तरह जीवन में क्रान्तिकारी मोड़ भी छोटे-छोटे अवसरों के माध्यम से आते हैं, इन्हें परखें और अपनाएँ। जीवन कहाँ से कहाँ पहुँच जाएगा। व्यक्तित्व के विकास के लिए इन्हीं सब छोटी-छोटी बातों में सावधानी बरतना भर आवश्यक है। डॉक्टर भगवान दास ने तो यहाँ तक कहा है- "वही व्यक्ति प्रभावशाली है, जो अपने जीवन में छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देता है।

Live

लाइव क्रिकेट Score

Live

दैनिक राशिफल Daily

ज्योतिष

जरूरी खबरें