इसका अर्थ क्या हुआ ? इसका अर्थ हुआ कि धन परमात्मा हो गया।
धन बड़ा उपयोगी हैं, विनिमय का माध्यम है, हजार सुविधाएं उससे आती हैं, लेकिन पूजा। तो आपने फिर धन में परमात्मा को देखना शुरू कर दिया। फिर तो रुपया जो है रुपया ना रहा, प्रभु की प्रतिमा हो गया।
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इसका अर्थ क्या हुआ ? इसका अर्थ हुआ कि धन परमात्मा हो गया।
धन बड़ा उपयोगी हैं, विनिमय का माध्यम है, हजार सुविधाएं उससे आती हैं, लेकिन पूजा। तो आपने फिर धन में परमात्मा को देखना शुरू कर दिया। फिर तो रुपया जो है रुपया ना रहा, प्रभु की प्रतिमा हो गया।