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होलिका दहन हेतु कण्डे का स्टॉल एवं पलाश के फूलों से बना रंग पैकेट भेंट

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Dainik Yashonnati / Mar 13, 2025 08:29 pm / Post views : 206

होलिका दहन हेतु कण्डे का स्टॉल एवं पलाश के फूलों से बना रंग पैकेट भेंट
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Chhindwara 13 March 2025 छिंदवाड़ा यशो:- आशारामजी गौशाला द्वारा शहर में जगह - जगह गाय के गोबर से बने कण्डों का स्टॉल लगाकर होलिका दहन हेतु कण्डे उपलब्ध कराए गए। कण्डे से होलिका दहन से पर्यावरण संरक्षण भी होता है। और जंगलों की अनावश्यक कटाई पर भी रोक लगती है। कण्डों से होलिका दहन हमारी वैदिक परंपरा भी है । गत कई वर्षों से पूज्य बापूजी की गौशाला कण्डों का निर्माण कर उचित दर पर आम लोगों को सुलभ करवाती हैं । होलिका दहन के बाद ऋतु परिवर्तन होता है। ठंड ऋतु खत्म होकर ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ होती है। इस दौरान बुखार के मरीजों की अधिकता रहती हैं । होलिका दहन से वातावरण को दूषित करने वाले रोगाणुओ का अंत होता है। होलिका दहन के बाद धुरेड़ी मनाने की परम्परा है । केमिकल के रंगों से होने वाली हानि से आम जनमानस को बचाने के लिए पलाश के फूलों के रंगो से बने रंग पैकेट नि:शुल्क वितरण किये गए। पलाश के फूलों के रंग से होली खेलने के बहुत सारे आध्यात्मिक लाभ भी हैं। इससे वात पित्त और कफ़ जनित रोगों का शमन होता हैं। इस प्रकार होलिका उत्सव देश भर के 550 आश्रमों द्वारा मनाया जाता है। अत: इसे वैदिक होलिका उत्सव कहा जाता है। इस दैवीय कार्य में साध्वी रेखा बहन, साध्वी प्रतिमा बहन, गौशाला संचालक जयराम भाई , समिति के अध्यक्ष मदनमोहन परसाई , गुरुकुल की संचालिका दर्शना खट्टर , धनाराम सनोडिया , सुभाष इंगले , बबलू माहोरे आदि ने अपनी सेवाएं दी ।